दहेज प्रथा

गिरिडीह का यह गांव बना मिसाल: बिना दहेज के हुई शादी, समाज से दहेज प्रथा खत्म करने का लिया संकल्प

बगोदर प्रखंड का माहुरी गांव ने बिना किसी दहेज़ के विवाह करवा कर समाज के लिए मिसाल पेश की है.

By : News11 Bharat
गिरिडीह का यह गांव बना मिसाल: बिना दहेज के हुई शादी, समाज से दहेज प्रथा खत्म करने का लिया संकल्प

न्यूज़11 भारत
गिरिडीह/डेस्क:
गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के माहुरी गांव स्थित मंडेय प्रांगण में दहेज मुक्त विवाह का आयोजन किया गया. इस खास मौके पर ग्राम छोटकी सिधाबारा, जिला बोकारो निवासी नीलम कुमारी एवं बगोदर के ग्राम माहुरी  निवासी नारायण महतो का विवाह पूरे वैदिक रीति-रिवाज के साथ सादगीपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. इस विवाह की खास बात यह रही कि बिना दहेज के पारंपरिक रस्मों का पालन करते हुए एक ही दिन में लग्न, हल्दी, कलश स्थापना और विवाह की सभी रस्में पूरी की गईं.

परिवार को अंगवस्त्र भेंट कर किया गया सम्मानित

दोनों परिवारों के बीच रिश्ते को जोड़ने में बेनी महतो की अहम भूमिका रही. विवाह समारोह में दोनों पक्षों के परिजनों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में नवदंपति को शुभकामनाएं दी गईं. इस अवसर पर कुड़मी विकास मोर्चा, बगोदर इकाई ने नवविवाहित जोड़े नारायण महतो एवं नीलम कुमारी को पुष्पमाला और पीला अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. वहीं लग्न कराने वाले सोमर महतो, किसुन महतो तथा वर-वधू की माताओं मसोमात शांति देवी एवं मसोमात चिंता देवी को भी पीला अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया.

दहेज़ प्रथा बनी अभिशाप

समारोह को संबोधित करते हुए सामाजिक आंदोलनकारी छोटन प्रसाद छात्र ने कहा कि कुड़मी समाज में दहेज प्रथा अन्य समाजों की नकल करते हुए धीरे-धीरे बढ़ी है, जो अब सामाजिक अभिशाप बनती जा रही है. उन्होंने कहा कि दहेज के कारण लोगों को जमीन-जायदाद बेचनी पड़ रही है और बेटियों को बोझ समझा जाने लगा है. समाज को इस कुरीति के खिलाफ एकजुट होकर अपने-अपने घरों से इसकी समाप्ति की शुरुआत करनी होगी.

कार्यक्रम में कुड़मी विकास मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार, प्रखंड अध्यक्ष कुंजलाल महतो, कोषाध्यक्ष डालेश्वर महतो, इंजीनियर त्रिभुवन महतो, शिक्षाविद शंकर दयाल, हेमंत महतो, ढालचंद पटेल, प्रेमचंद प्रसाद, संजय कुमार, टहल महतो, रामप्रसाद महतो, सोमर महतो, रघुनंदन महतो, प्रकाश महतो, वीरेंद्र महतो सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे. यह दहेज मुक्त विवाह क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में चर्चा का विषय बना रहा.

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.