जमीन विवाद

गिरिडीह: मधुबन में जमीन को लेकर बढ़ा विवाद, रैयत ने लगाया धमकी और चहारदीवारी तोड़ने का आरोप

आए दिन यहां जीएम खास व आम भूमि पर कब्जे की शिकायत भी प्रशासन को मिलती रहती है. इन शिकायतों पर संबंधित विभाग के अधिकारी खामोश नजर आते हैं.

By : Dipali Kumari
गिरिडीह: मधुबन में जमीन को लेकर बढ़ा विवाद, रैयत ने लगाया धमकी और चहारदीवारी तोड़ने का आरोप

श्रीकांत/न्यूज़11 भारत 
गिरिडीह/डेस्क:
विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल मधुबन में जमीन को लेकर आए दिन महाभारत देखने को मिल रही है. यहां सरकारी भूमि पर कब्जा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं. पारसनाथ से निकले नाले का स्वरूप बदला जा रहा है और उस पर निर्माण किया जा रहा है. प्राकृतिक नाले पर आरसीसी कर उसे संकरा कर दिया गया है. आए दिन यहां जीएम खास व आम भूमि पर कब्जे की शिकायत भी प्रशासन को मिलती रहती है. इन शिकायतों पर संबंधित विभाग के अधिकारी खामोश नजर आते हैं.

वहीं दूसरी तरफ रैयतों को अब परेशान किया जा रहा है. भू-माफिया दिन में रैयतों को धमका रहे हैं तो रात में चहारदीवारी भी ढाह दे रहे हैं. आम लोग परेशान और चिंतित हैं. लोग शासन-प्रशासन के पास जाकर जांच कर माफियाओं पर कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं.

यहां के रहने वाले नंदकिशोर सिंह ने बताया कि उनकी खरीदगी जमीन है. मौजा मधुबन में खाता संख्या 58, प्लॉट संख्या 24 में रकबा एक एकड़ चौदह डिसमिल है, जिसकी जमाबंदी कायम है और रसीद भी कटती है. वे अपनी जमीन की घेराबंदी कर रहे थे. इसी बीच कुछ दर्जनों की संख्या में अनजान लोग आए और धक्का-मुक्की करते हुए गाली देने लगे. फिर उनके भतीजे को धमकाया और जान से मारने की धमकी दी. कहा कि यह जमीन उनकी है. जब मधुबन के लोग जुटने लगे तो माफिया भाग गए.

इसके बाद उन्होंने चहारदीवारी का काम शुरू किया. इसी बीच रात में बाइक पर सवार होकर माफिया के गुर्गे आए और उनकी जमीन की चहारदीवारी तोड़ डाली. इसकी शिकायत जब अंचल से लेकर थाना में की गई तो उन्हें ही काम बंद रखने की सलाह दी गई, जबकि उनके पास एसडीएम कोर्ट का आदेश भी है.
वहीं, नंदकिशोर सिंह द्वारा जिस चुरामन राय पर आरोप लगाया जा रहा है, उनका कहना है कि जमीन उनके पूर्वजों की है. नंदकिशोर ने गलत आदमी से रजिस्ट्री ली थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने तोड़फोड़ नहीं की है और पूरे कागजात की जांच कराई जाए.

इधर, इस मामले पर जब अंचलाधिकारी व कर्मचारी आलोक से दूरभाष पर बात हुई तो आलोक ने कहा कि अंचल द्वारा काम नहीं रोका गया है. वहीं थाना प्रभारी दीपेश कुमार ने कहा कि जिस जमीन की चहारदीवारी तोड़ी गई, उस मामले में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी. जांच रिपोर्ट एसडीएम को भेज दी गई है.
वहीं डुमरी एसडीएम ने पूरे मामले पर बताया कि पूर्व में भी यहां मामले की सुनवाई की जा चुकी है. किसी भी तरीके से विधि-व्यवस्था न बिगड़े और लॉ एंड ऑर्डर खराब न हो, इसको लेकर लगातार प्रशासन अलर्ट है.

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