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बोकारो/डेस्क: चास प्रखंड के बंशीडीह निवासी गायत्री देवी आर्थिक रूप से भले ही कमजोर हैं, लेकिन उनके हौसले और मेहनत की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है. गायत्री देवी खुशबू महिला रोजगार संस्था की संचालिका हैं और सिलाई के हुनर के जरिए खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ दूसरी महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं.
गायत्री देवी का कहना है कि बेटी को शादी में एक थाली और लोटा देने के बजाय उसे कोई हुनर जरूर दीजिए. यही हुनर आगे चलकर उसके जीवन में काम आएगा और वह किसी के सामने हाथ फैलाने के बजाय खुद अपने पैरों पर खड़ी हो सकेगी.
गायत्री देवी ने बताया कि बचपन में वह सिलाई सीखना चाहती थीं, लेकिन परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं था. ऐसे में उन्होंने अपने खेत में पैदा हुए आलू बेचकर सिलाई सीखने के लिए पैसे जुटाए. यही हुनर आज उनकी ताकत बन चुका है. दो सिलाई मशीनों से काम शुरू कर उन्होंने करीब 10 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा.
अब बेहतर झारखंड संस्था की ओर से उन्हें तीन और सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं. उनका कहना है कि नई मशीनों के मिलने से वह करीब 15 महिलाओं को रोजगार दे सकेंगी.

मशीनों के उद्घाटन के लिए बेहतर झारखंड की टीम उनके आवास पहुंची. संस्था के संस्थापक विवेक सिंह लगातार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. मौके पर लाल बाबू सिंह, नितिन कुमार, विक्की लोहार सहित अन्य लोग मौजूद रहे.
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