झामुमो की बैठक

खान और खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में जनजागरण व आंदोलन की रूपरेखा के लिए झामुमो की बैठक

बैठक की अध्यक्षता झामुमो पलामू जिला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने की, संचालन जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी ने किया

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
खान और खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में जनजागरण व आंदोलन की रूपरेखा के लिए झामुमो की बैठक

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क: झारखंड मुक्ति मोर्चा की आज केंद्रीय समिति सदस्य, झारखंड मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक आज स्थानीय परिसदन भवन में आयोजित की गई. बैठक का मुख्य विषय खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 के कारण झारखंडवासियों को होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान तथा केंद्र सरकार द्वारा झारखंड की बकाया राशि को हड़पने की कथित साजिश के खिलाफ जनजागरण अभियान और आंदोलन की रूपरेखा तैयार करना रहा. बैठक की अध्यक्षता झामुमो पलामू जिला समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने की, जबकि संचालन जिला सचिव रंजन चंद्रवंशी ने किया. बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से झारखंड में संचालित सामाजिक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है.

उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास योजना, सर्वजन पेंशन योजना सहित स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि झारखंड उन राज्यों में शामिल है, जिनकी अर्थव्यवस्था और सरकारी राजस्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा खनिज संसाधनों से जुड़ा हुआ है. यहां खनन केवल एक औद्योगिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों के जीवन, रोजगार, जमीन, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विषय है. राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने कहा कि वर्षों से झारखंड की धरती से निकलने वाला कोयला और लौह अयस्क देश के विभिन्न हिस्सों की औद्योगिक और ऊर्जा संबंधी जरूरतों को पूरा करता रहा है.

देश के बड़े उद्योगों और ऊर्जा क्षेत्र को संसाधन उपलब्ध कराने के दौरान झारखंड ने विस्थापन, प्रदूषण, जंगलों के नुकसान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की बड़ी कीमत भी चुकाई है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिस राज्य की धरती से खनिज संपदा निकाली जा रही है, क्या उस राज्य को अपने विकास और जनता के कल्याण के लिए उस संपदा से उचित राजस्व प्राप्त करने का अधिकार नहीं होना चाहिए? बैठक में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों से झारखंड के आर्थिक हितों को होने वाले नुकसान के मुद्दे पर व्यापक जनजागरण अभियान चलाने तथा जरूरत पड़ने पर चरणबद्ध आंदोलन करने की रणनीति पर चर्चा की. जिला समिति ने आम जनता को इस विषय से अवगत कराने और झारखंड के हक व अधिकार की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया.

आंदोलन और जन जागरण को मजबूती से करने के लिए सभी विधानसभा में पर्यवेक्षक नियुक्त किये गए. विश्रामपुर विधानसभा में युगल चंद्रवंशी, अविनाश देव, असफर रब्बानी, कमलेश पाठक, अनिल चंद्रवंशी, शाहबाज आलम, सुमित बर्मन, पांकी विधानसभा में सन्नू सिद्दीकी, सुनील तिवारी, सन्नी शुक्ला, बबलू शाहनवाज, दीपू चौरसिया, राकेश सिंहा, अखिलेश सिंह, रमेश सिंह. हुसैनाबाद विधानसभा में चंदन प्रकाश सिन्हा, वशिष्ठ सिंह, विवेकानंद सिंह, डॉ. एजाज, नेहाल असगर, आलोक सिंह उर्फ टूटू सिंह, सुशील सिंह. पाटन - छतरपुर विधानसभा में संजीव तिवारी, संतोष उपाध्याय, पप्पू कमाल खान, मुन्ना सिंहा, रंजीत सिंह, नवीन सिंहा, अनुराग सिंह, रंजीत जायसवाल, ईश्वरी मेहता. डाल्टनगंज विधानसभा में राजेंद्र प्रसाद सिन्हा, बालकिशन उरांव, रंजन चंद्रवंशी, सलोनी टोप्पो, श्रवण गुप्ता, धीरेन्द्र उरांव, देवानंद भारद्वाज, आशुतोष विनायक, फ़ज़ायल अहमद, रामनाथ चंद्रवंशी, नगर निगम सुशीला मिश्रा, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, छात्र मोर्चा महानगर मोर्चा पर्यवेक्षक बनाए गए. इस बैठक में केंद्रीय समिति सदस्य सह उपाध्यक्ष सन्नू सिद्दीकी, संजीव तिवारी, चंदन प्रकाश सिन्हा, हाजी ललन, युगल किशोर चंद्रवंशी, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुशीला मिश्रा, वरिष्ठ नेता सुनील तिवारी, रामचंद्र चंद्रवंशी, अविनाश देव, उपाध्यक् राकेश सिंहा, असफर रब्बानी, संगठन सचिव देवानंद भारद्वाज, शाहबाज खान, अनुराग प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष रंजीत जायसवाल, सचिव अल्ताफ राइन, उपाध्यक्ष मन्नत सिंह बग्गा, युवा मोर्चा अध्यक्ष सूरज कुमार, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष फ़ज़ायल अहमद, छात्र मोर्चा सचिव सैयद फैजल, महिला मोर्चा सचिव संजू देवी, उपाध्यक्ष रजिया बानो, मंजू चंद्रवंशी, व्यवसाय मोर्चा अध्यक्ष दीपू चौरसिया, उपाध्यक्ष आरफीन अली, शमीम हाशमी सहित कई लोग उपस्थित थे.

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