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रांची/डेस्क: हजारीबाग लैंड स्कैम से जुड़े मामले में दाखिल जनहित याचिका पर झारखण्ड हाईकोर्ट का फैसला आ गया है. हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मंशा और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए. याचिकाकर्ता के पास इस याचिका को दाखिल करने का पर्याप्त क्रेडेंशियल नहीं है. राज्य सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों पर कोर्ट ने संतोष जताया. कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर किसी अतिरिक्त हस्तक्षेप या आदेश की आवश्यकता नहीं है.
सरकार की ओर से विभोर मयंक ने रखा पक्ष
बता दें कि शिव शंकर शर्मा की ओर से जनहित याचिका दाखिल की गई थी. सैकड़ों एकड़ फॉरेस्ट जमीन बिना सेल डीड के बेच देने का आरोप लगाया था. मामले में CBI जांच की ओर मांग की गई थी. सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से विभोर मयंक ने पक्ष रखा. पक्ष रखते हुए विभोर मयंक ने कहा कि सरकार के द्वारा प्रयाप्त कदम लिए गए हैं और मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की आवश्यकता नहीं है. मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया.
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