जैश कनेक्शन

जैश कनेक्शन की जांच पहुंची साहिबगंज, युवती को STF ने हिरासत में लिया

एसटीएफ ने झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा  ग्वालखोर के वेवतपुर क्षेत्र से हमीद मंडल की कथित प्रेमिका की सहेली अर्पिता सरकार को भी हिरासत में ले लिया.

By : Dipali Kumari
जैश कनेक्शन की जांच पहुंची साहिबगंज, युवती को STF ने हिरासत में लिया

न्यूज़11 भारत 
साहिबगंज/डेस्क: 
पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स ने कल शुक्रवार को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंध रखने के आरोप में बर्दवान जिले से 24 वर्षीय हमीम मंडल को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों का दावा है कि उसके तार जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. वहीं, इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब एसटीएफ ने झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा  ग्वालखोर के वेवतपुर क्षेत्र से हमीद मंडल की कथित प्रेमिका की सहेली अर्पिता सरकार को भी हिरासत में ले लिया. कार्रवाई पूरी तरह पश्चिम बंगाल एसटीएफ द्वारा की गई है और गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ अर्पिता को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई है, जहां उसे बर्दवान की अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की. 

जांच एजेंसियों के अनुसार, हमीद मंडल को बर्दवान के रेनेसां हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान उसके पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और अन्य सामग्री बरामद होने की बात कही गई है. सूत्रों का दावा है कि वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था और खुद को एक टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल के रूप में प्रस्तुत कर रहा था.

एसटीएफ को संदेह है कि हमीद मंडल के संबंध 2019 के पुलवामा हमले के कथित मास्टरमाइंड सज्जाद भट और जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी तत्वों से हो सकते हैं. हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उसके पास पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं और संगठनों से जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों संबंधी जानकारी मौजूद थी. एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि कहीं संभावित लक्ष्यों की रेकी तो नहीं की जा रही थी. हमीद मंडल की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ उसके संपर्कों और सहयोगियों की तलाश में जुटी थी. इसी दौरान अर्पिता सरकार का नाम सामने आया. 

अधिकारियों का मानना है कि अर्पिता से पूछताछ में नेटवर्क के अन्य सदस्यों, गतिविधियों और संपर्कों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं. हालांकि, अर्पिता सरकार की भूमिका को लेकर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क कितना व्यापक था और इसके तार किन-किन लोगों तथा क्षेत्रों से जुड़े हुए थे. गौरतलब है कि जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.

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