अरुण कुमार यादव/न्यूज11 भारत
गढ़वा/डेस्क: गढ़वा जिले मे बैंक ने नहीं दिया समय पर रुपया, इलाज के अभाव मे आदिवासी रतन लकड़ा की हो गई मौत, आक्रोषित परिजनों ने शव के साथ बैंक मे दिया धरना, कहा बैंक के लापरवाही से हो गई मौत. कहने को तो झारखण्ड राज्य आदिवासी बहुल इलाका है पर इस राज्य ने अब आदिवासी ही इलाज के अभाव मे दम तोड़ रहे है क्योंकि सिस्टम की लापरवाही ऐसी है की बैंक मे रुपया पड़ा हुआ है लेकिन बैंक ने नहीं दिया क्योंकि ई केवाईसी नहीं हो पाया था जबतक ई केवाइसी हुआ तबतक मरीज की इलाज के अभाव मे मौत हो गई. समय पर मृतक के परिजन को पैसा नहीं मिलने के बाद आज आक्रोशित परिजनों एवं ग्रामीणों ने शव के साथ झारखण्ड ग्रामीण बैंक पहुंचे और धरना दिया.
परिजनों ने कहा की बैंक मैनेजर ई केवाइसी के लिए तीन माह दौड़ाया फिर रिजनल मैनेजर के कहने पर ई केवाईसी कराने मरणासन्न पड़े बीमार पिता को लेकर बैंक आया तो ई केवाईसी हुआ इसके बाद भी हमलोगो को पैसा के लिए दौड़ाया जो आजतक नहीं मिला और आज 70 वर्षीय रतन लकड़ा की मौत हो गई. मृतक को सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन की राशि आती थी उसी पैसे से उसका इलाज होना था लेकिन आज मौत हो गई जिसके बाद हमलोग शव लेकर बैंक पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते है.
वहीं इस सबंध मे बैंक के पदाधिकारियों ने कहा कि ई केवाइसी हो गया था लेकिन इसके बाद कोई भी परिजन पैसा निकालने बैंक नहीं आया था जिसकी वजह से उनका पैसा नहीं निकला था आज उनकी मौत हो गई तो उनके शव को लेकर सब बैंक पहुंचे है.
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