अवैध कोयला कारोबार

नहीं थम रहा अवैध कोयला कारोबार! हजारीबाग में 60 टन कोयला लदा ट्रेलर बरामद 

बड़कागांव थाना क्षेत्र से लगभग 60 टन कोयले से भरा एक ट्रेलर बरामद किया गया है.

By : News11 Bharat
नहीं थम रहा अवैध कोयला कारोबार! हजारीबाग में 60 टन कोयला लदा ट्रेलर बरामद 

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क: 
हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र के जोराकाठ, सेहदा और चपरी अवैध कोयला उत्खनन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है. आज शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे अवैध रूप से लदे लगभग 60 टन कोयले से भरा एक ट्रेलर (जेएच 02बी एल 6483) चरही थाना क्षेत्र से चरही रेलवे साइडिंग के समीप फंस गया, जिसके बाद ट्रेलर चालक वाहन को मौके पर ही छोड़ कर फरार हो गया. सुबह होने के बाद धीरे-धीरे आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी. बिना चालक के कोयला लदा वाहन देख स्थानीय लोगों ने  पुलिस को इसकी सूचना दी. 

सूचना मिलने पर सीसीएल चरही क्षेत्र की सुरक्षा टीम और चरही पुलिस मौके पर पहुंची तथा संयुक्त रूप से जांच शुरू की. जांच के दौरान पता चला कि ट्रेलर चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया. वाहन मालिक भी अब तक सामने नहीं आया है. पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है. वहीं, जब्त किए गए कोयले को रेलवे साइडिंग में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया जारी है. पुलिस वाहन और कोयले के वास्तविक मालिक की पहचान करने में जुटी हुई है. खबर लिखे जाने तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई थी. 

सीसीएल हजारीबाग क्षेत्र के सुरक्षा पदाधिकारी रंजीत कुमार विमल ने बताया कि जब्त वाहन के विरुद्ध आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी किए जाने के बाद उसे चरही पुलिस को विधिसम्मत कार्रवाई के लिए सौंप दिया जाएगा. 

वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि जोराकाठ, सेहदा और चपरी की वन भूमि में पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर अवैध कोयला उत्खनन का कारोबार बेखौफ जारी है. रात के अंधेरे में कोयला निकालकर भारी वाहनों के माध्यम से विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता है. इसके बावजूद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कोयला माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग समय रहते सख्ती बरतता, तो वन क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता था. लगातार हो रहे अवैध खनन से सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है. पर्यावरण पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है. पेड़-पौधों और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचने से क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग, सीसीएल  और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

संबंधित सामग्री

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

रामगढ़ में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ा, हाईकोर्ट ने 3,740 से बढ़ाकर 99,300 रुपये प्रति डिसमिल किया

झारखंड हाईकोर्ट ने रामगढ़ के गांदके गांव में नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है.

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

अभिलाष साहू के निलंबन मुक्ति के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट, निलंबन मुक्त होल्ड करने का निर्देश

कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष अभिलाष साहू को निलंबन मुक्त किए जाने के निर्णय से झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू असंतुष्ट हैं.

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

CCL में अनुकंपा नियुक्ति पर झारखंड हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, NCWA-XI के तहत अविवाहित बहन को भी मिलेगी नौकरी

झारखंड हाई कोर्ट ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है.

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

बिना कारण बताओ नोटिस कर्मचारी की बर्खास्तगी गैर-कानूनी, कोर्ट जाने पर सजा देने की प्रथा तुरंत बंद हो: हाई कोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में लंबे समय तक संविदा पर काम करने वाले नौ कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है.

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

पुरानी सूची में नाम से नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी, झारखंड हाईकोर्ट ने 35 सुपरवाइजरों की मांग ठुकराई

झारखंड हाईकोर्ट ने गैर-औपचारिक शिक्षा योजना में काम कर चुके 35 सुपरवाइजरों को झारखंड सरकार की नियमित सेवा में शामिल करने की मांग खारिज कर दी है.