विकास कुमार/न्यूज11 भारत
हुसैनाबाद/डेस्क: हुसैनाबाद नगर अध्यक्ष अजय कुमार भारती ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि बोर्ड की पहली बैठक में नगर वासियों की सबसे बड़ी समस्या का समाधान करते हुए 'अनधिकृत मकान नियमितीकरण योजना' को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है.नगर अध्यक्ष ने इसे सुनहरा अवसर बताते हुए कहा कि योजना पूरी तरह पारदर्शी है और यदि कोई भी इसके लिए दलाली मांगे तो सीधे उनसे संपर्क करें, तुरंत कार्रवाई होगी.
उन्होंने बताया कि यह योजना केवल 31.12.2024 से पहले बने उन आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए है जिनकी ऊंचाई अधिकतम 10 मीटर (G+2) और प्लॉट का आकार अधिकतम 300 वर्ग मीटर है. नागरिकों को नियमावली प्रकाशन के 60 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना होगा. यह प्रक्रिया निबंधित आर्किटेक्ट के जरिए होगी, जिनका परामर्श शुल्क अधिकतम ₹15/वर्ग फुट तय है. आवासीय भवनों के लिए ₹60 से ₹90 प्रति वर्ग मीटर (न्यूनतम एडवांस ₹10,000) तथा व्यावसायिक भवनों के लिए ₹120 से ₹180 प्रति वर्ग मीटर (न्यूनतम एडवांस ₹20,000) का शुल्क तय किया गया है. पुराने भवनों (निकाय गठन से पहले के) के लिए मात्र ₹5,000 की एकमुश्त राशि देय है. शेष राशि 3 किस्तों में दी जा सकती है. यदि वर्षा जल संचयन नहीं है, तो 6 महीने में लगाने का शपथ पत्र देना होगा.
आवेदन के बाद नया निर्माण करने पर आवेदन रद्द और राशि जब्त कर ली जाएगी.सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर किए गए निर्माण को किसी भी स्थिति में वैध नहीं किया जाएगा.आवेदन की जांच 6 महीने में होगी. यदि आवेदन खारिज होता है, तो 10% प्रोसेसिंग फीस काटकर 90% राशि वापस कर दी जाएगी.अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि जो भवन स्वामी इस निर्धारित 60 दिनों की समयावधि में आवेदन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ भवन को ध्वस्त करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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