विरोध और बवाल

चियांकी में फ्लाईओवर निर्माण के विरोध में भारी बवाल, प्रशासनिक टीम और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प, पुलिसकर्मी घायल

विवाद की मुख्य वजह जमीन का मुआवजा बताया जा रहा है<br/>

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
चियांकी में फ्लाईओवर निर्माण के विरोध में भारी बवाल, प्रशासनिक टीम और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प, पुलिसकर्मी घायल

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क:  ​राष्ट्रीय राजमार्ग-39 (NH-39) पर चियांकी में निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास गुरुवार को जमीन मुआवजे के विवाद को लेकर प्रशासनिक टीम और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों की तरफ से भारी पथराव शुरू हो गया. इस घटना में कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी दोनों घायल हो गए हैं. सभी घायलों को इलाज के लिए तुरंत मेदिनीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) में भर्ती कराया गया है. घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी अफजाल अंसारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास में जुट गए.

​प्रशासन ने लागू की धारा 163 (निषेधाज्ञ)

​चियांकी में चल रहे फ्लाईओवर निर्माण कार्य के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित हिंसक टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही एहतियातन कदम उठाए थे. इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत तत्काल प्रभाव से निषेधाज्ञा (कर्फ्यू जैसी पाबंदियां) लागू कर दी गई है. इसके बावजूद भारी संख्या में ग्रामीण निर्माण स्थल पर जमा हो गए.

​मुआवजे को लेकर अड़े ग्रामीण, अधिकारी बोले- प्रक्रिया जारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह जमीन का मुआवजा है. आक्रोशित ग्रामीणों का साफ कहना है कि जिन लोगों की जमीन इस परियोजना के तहत अधिग्रहित की जा रही है, उन्हें जब तक उचित और पूरा मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक वे किसी भी तरह का तोड़फोड़ या निर्माण कार्य नहीं होने देंगे. दूसरी ओर, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि संबंधित जमीन के मुआवजे के भुगतान की प्रक्रिया तकनीकी और कागजी वजहों से लंबित है, जिसे सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

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