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बोकारो/डेस्क: बोकारो जिले में बीते कुछ सालों से मानव-हाथी संघर्ष लगातार बढ़ा है. गोमिया प्रखंड क़े तिरला, जगेश्वर, कण्डेर, दरहाबेड़ा और बड़की पुन्नू ये सभी इसी कॉरिडोर में आते हैं, जहाँ अक्सर हाथियों का झुंड विचरण करता है.
गोमिया वन क्षेत्र में जंगली हाथियों का दल वर्तमान में सक्रिय है. स्थानीय सूत्र औऱ वन विभाग नें बताया की तिरला में 15 हाथियों का बड़ा झुंड,जगेश्वर में 13, कण्डेर में 06 और दरहाबेडा में 02 हाथियों का झुंड है. इसके अलावा बड़की पुन्नू में 01 हाथी अकेला झुंड से बिछड़ा घूम रहा है. सबसे बड़ी समस्या और खतरे की बात है कि हाथियों का झुंड हर घंटे में लोकेशन बदलता है.
वन विभाग आईएफएस अधिकारी संदीप सिंडे ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल से दूरी बनाये और शाम 5 बजे के बाद व सुबह 6 बजे से पहले जंगल, सुनसान रास्ते, रेलवे लाइन किनारे बिल्कुल न जाएं. इसके अलावा महुआ, हड़िया, या अनाज खुला न रखें. इसकी गंध से हाथी सीधे घर तोड़कर घुस जाते हैं. फरवरी में बड़की पुन्नू में इसी कारण 3 लोगों की मौत हुई थी.
साथ ही घर के बाहर बल्ब जलता रखें. अगर हाथी दिखे तो ढोल, थाली या पटाखे की आवाज से दूर से ही भगाएं. हाथी के आसपास भीड़ या सेल्फी लेने बिल्कुल न जाएँ.
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