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रांची/डेस्क: 8000 रुपए रिश्वत के साथ गिरफ्तार हुए बीपीओ अनिल खलखो की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गयी. विजिलेंस की विशेष कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा. 13 जुलाई को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा. आरोपी अनिल खलखो सिमडेगा जिला के केरसई प्रखंड में बीपीओ के पद पर पदस्थापित था. शिकायतकर्ता रंजीत खाखा के शिकायत पर ACB ने कार्रवाई करते हुए 8000 रुपए रिश्वत के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. मामला विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना के तहत अंडा और फलाहार मद की राशि का उपयोग से जुड़ा था.
वित्तीय वर्ष 2025-2026 में कुल उपलब्ध राशि में से लगभग 1.09 लाख रुपए खर्च किए गए थे, जबकि लगभग 33426 रुपए शेष था. शेष राशि का प्रतिवेदन जमा करने के दौरान बीपीओ अनिल खलखो ने 15000 रुपए रिश्वत की मांग की थी. राशि नहीं देने पर उच्च पदाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई कराने की धमकी दी थी. शिकायतकर्ता के द्वारा राशि कम करने के अनुरोध पर 8000 रुपए में तय हुआ. लेकिन सरकारी कार्य के बदले रिश्वत नहीं देने की मंशा से शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत एसीबी से की. जिसका सत्यापन कर एसीबी ने जाल बिछाकर 24 जून को रिश्वत के साथ अनिल खलखो को रंगे हाथों गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया था.
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