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रांची/डेस्क: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज महाराजा अग्रसेन भवन, रांची में अग्रवाल सभा के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए सामाजिक संस्थाओं से सुदूरवर्ती गाँवों को गोद लेकर वहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़े कार्यों को गति देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक समृद्धि उसकी आर्थिक संपन्नता के साथ-साथ जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सेवा-भाव से भी मापी जाती है.
राज्यपाल ने कहा कि अग्रवाल सभा की पांच दशकों की यात्रा संस्था के समर्पण और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचायक है. इस अवसर पर उन्होंने संस्था के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं समाज के लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और विभिन्न सामाजिक कार्यों के माध्यम से अग्रवाल समाज ने लंबे समय से अपना योगदान दिया है. इस सेवा-परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कमजोर एवं वंचित वर्गों तक सहयोग का दायरा और व्यापक किया जाना चाहिए.
उन्होंने दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि दहेज-मुक्त एवं सामूहिक विवाह तथा विवाह में सादगी और सीमित खर्च को प्रोत्साहित करना सकारात्मक सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. युवाओं को दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज के सामने उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए.
राज्यपाल ने कहा कि समाज की प्रगति में नई पीढ़ी की महत्वपूर्ण भूमिका है. युवाओं और महिलाओं की शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता तथा सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है. जो संस्था अपनी नई पीढ़ी को तैयार करती है, वही अपने भविष्य को मजबूत बनाती है. उन्होंने कहा कि उद्योग, व्यापार, उद्यमिता और नवाचार देश की आर्थिक प्रगति के महत्वपूर्ण आधार हैं. अग्रवाल समाज की व्यापार एवं उद्यमिता की समृद्ध परंपरा झारखण्ड में नए उद्यमों और स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में उपयोगी हो सकती है. ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य की प्राप्ति में समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है.