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गिरिडीह/डेस्क: गिरिडीह में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग के एक कमिश्नर और इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. इस कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया. गिरफ्तार अधिकारियों में CGST कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी और जीएसटी इंस्पेक्टर बिरजू कुमार शामिल हैं.
सीबीआई की धनबाद टीम ने बुधवार को गिरिडीह के बरमसिया रोड स्थित GST कार्यालय में जाल बिछाकर दोनों अधिकारियों को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोचा. कार्रवाई इतनी गोपनीय तरीके से की गई कि कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी.
यह पूरा मामला गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड के खाती गांव निवासी राजू अंसारी से जुड़ा हैं. राजू सरकारी योजनाओं में ईंट, बालू और गिट्टी सप्लाई करने का काम करते हैं. आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से उन्हें तीन करोड़ रुपये के GST बिल मामले में लगातार परेशान किया जा रहा था. हाल ही में उन्हें खरीद-बिक्री के इनवॉइस से जुड़े करीब 90 लाख रुपये के भुगतान को लेकर नोटिस भेजा गया था. इस नोटिस के बाद परेशान होकर राजू अंसारी ने GST इंस्पेक्टर बिरजू कुमार से संपर्क किया. इसके बाद इंस्पेक्टर ने उन्हें सीधे कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी से मिलवाया.
ऑफिस में चल रहा था कथित ‘सिंडिकेट’
पीड़ित के मुताबिक, GST कार्यालय में एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम किया जा रहा था, जिसमें विभागीय अधिकारियों के साथ एक बाहरी व्यक्ति अनीस कुमार भी शामिल था. आरोप है कि कमिश्नर ने राजू अंसारी को मामले के निपटारे के लिए अनीस कुमार से संपर्क करने को कहा. शुरुआत में केस को खत्म करने के लिए 90 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी. बाद में बातचीत और मोलभाव के बाद यह रकम 65 हजार रुपये में तय हुई. तय योजना के मुताबिक बुधवार को पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये दिए जाने थे.
लगातार दबाव और रिश्वत की मांग से परेशान होकर राजू अंसारी ने भाकपा माले नेता राजेश सिन्हा से संपर्क किया. राजेश सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे CBI से शिकायत की. शिकायत मिलने के बाद धनबाद CBI के एसपी भंवरलाल मीणा के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई. डीएसपी रघुनाथ कुमार के नेतृत्व में करीब 15 अधिकारियों की टीम बुधवार सुबह गिरिडीह पहुंची और GST कार्यालय के आसपास निगरानी शुरू कर दी.
जैसे ही लिफाफा पहुंचा, CBI ने दबोच लिया
सीबीआई की योजना के तहत राजू अंसारी रिश्वत की रकम लेकर GST कार्यालय पहुंचे. बताया गया कि कमिश्नर बुद्धेश्वर सुंडी के इशारे पर राजू ने 50 हजार रुपये से भरा लिफाफा इंस्पेक्टर बिरजू कुमार को सौंप दिया. जैसे ही इंस्पेक्टर ने रिश्वत का लिफाफा हाथ में लिया, पहले से मौके पर मौजूद CBI टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया.
देर रात तक चला सर्च ऑपरेशन
गिरफ्तारी के बाद CBI ने GST कार्यालय में घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया. टीम ने कई अहम दस्तावेजों, फाइलों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क की जांच की. अधिकारियों को शक है कि रिश्वतखोरी और अवैध वसूली का यह नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता हैं. CBI ने कार्रवाई को सिर्फ गिरिडीह तक सीमित नहीं रखा. जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने झारखंड के जमशेदपुर और बिहार के नालंदा स्थित आरोपियों के निजी आवासों पर भी एक साथ छापेमारी की. हालांकि इन ठिकानों से क्या बरामद हुआ है, इस पर फिलहाल CBI ने आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की हैं. सूत्रों के मुताबिक, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत जांच एजेंसी के हाथ लगे हैं.
दोनों अधिकारियों से जारी है पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद दोनों अधिकारियों को धनबाद ले जाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही हैं. CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कथित भ्रष्टाचार नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. इस कार्रवाई के बाद GST विभाग में हड़कंप का माहौल है और कई अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती हैं.
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