मधु सुदन/न्यूज11 भारत
सरायकेला/डेस्क: चांडिल अनुमंडल में कथित अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है. झारखंड आंदोलनकारी परिवार से जुड़ीं जिप उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने एक पूर्व नेता सह ग्राम प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों तक कथित बालू कारोबार पर चुप रहने वाले लोग अब चुनाव नजदीक आते ही जनता के हितैषी बनने का प्रयास कर रहे हैं.
मधुश्री महतो ने आरोप लगाया कि पिछले चार-पांच वर्षों के दौरान सुवर्णरेखा नदी से रात के समय जेसीबी, हाइवा और ट्रैक्टर के माध्यम से कथित रूप से बालू उठाव और परिवहन होता रहा, लेकिन संबंधित व्यक्ति ने उस दौरान आवाज नहीं उठाई. उन्होंने कहा कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो पूरे कार्यकाल और कथित कारोबार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
उन्होंने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ चावल की कथित हेराफेरी, ट्रैक्टर जब्ती और गैस एजेंसी से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों की वास्तविकता प्रशासनिक और पुलिस रिकॉर्ड से सामने आनी चाहिए. उन्होंने कथित गैस एजेंसी संचालन में नियमों के उल्लंघन की भी जांच की मांग की.
मधुश्री ने 12 जुलाई 2025 की सिरुम शहीद चौक घटना और 18 जुलाई 2025 को कुकड़ू में हुए पुतला दहन का हवाला देते हुए कहा कि बालू मामले में राजनीतिक भूमिका और प्रशासनिक स्तर पर हुई गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भोले-भाले ट्रैक्टर मालिकों को मोहरा बनाकर वास्तविक कारोबार से जुड़े सवालों से ध्यान भटकाया गया.
उन्होंने प्रशासन से पिछले पांच वर्षों में बालू खनन-परिवहन, जब्त वाहनों व मशीनों, चालान, राजस्व और प्राप्त शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. मधुश्री ने कहा कि “नौ सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली” जैसी राजनीति अब जनता समझ चुकी है और समय आने पर इसका जवाब जनता देगी.
यह भी पढ़ें: गढ़वा जिले के धुरकी थाना पुलिस ने जागरूकता अभियान का किया आयोजन