मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीसीएल पिपरवार क्षेत्र के किचटो निवासी मन्नु महतो सहित अन्य विस्थापित ग्रामीणो ने सीसीएल प्रबधंन द्वारा अधिग्रहित भूमि के बदले नौकरी और मुआवजा की मांग को लेकर एक अप्रैल से बंदी की घोषणा की है. विस्थापित ग्रामीणों के द्वारा इसकी सूचना संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र के माध्यम से पूर्व में ही दे दी गई है.इस संबंध में विस्थापित ग्रामीण मन्नु महतो ने बताया कि सीसीएल पिपरवार परियोजना कोयला खदान विस्तारीकरण के दौरान सीसीएल प्रबंधन के द्वारा उनके पूर्वजों की जमीन का अधिग्रहण पूर्व में ही किया जा चुका है,लेकिन नौकरी और मुआवजा को लेकर विस्थापित ग्रामीणों को कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है.
सीसीएल प्रबंधन को नौकरी मुआवजा को लेकर कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है,लेकिन कोई पहल नहीं किया गया. इसके खिलाफ विस्थापित ग्रामीणों के द्वारा बीते 28 मार्च को बंदी भी की गई थी,जिसमें प्रबंधन ने ग्रामीणों के साथ वार्ता कर जल्द ही रेयतो का नौकरी और मुआवजा से संबंधित दस्तावेज सीसीएल मुख्यालय भेजने का आश्वासन दिया था.लेकिन ग्रामीणों के द्वारा कार्यालय जाने पर पता चला कि कोई भी दस्तावेज अभी तक सीसीएल मुख्यालय नहीं भेजा गया है,जिसके कारण विस्थापित ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है. इसके खिलाफ विस्थापित ग्रामीणों ने एक अप्रैल से पिपरवार एरिया में बंदी का आह्वान किया है.उन्होंने बताया कि विस्थापित ग्रामीणों का यह बंदी पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा और सीसीएल से जुड़े सभी कार्यों को बंद कराया जाएगा.ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
यह भी पढ़ें: चैत पूर्णिमा मेले का निमंत्रण सांसद संजय सेठ को, 2 अप्रैल को लवगढ़ा में भव्य आयोजन