गबन का आरोप

गांडेय में अंबेडकर आवास की राशि गबन के आरोप पर उप मुखिया का पलटवार

बीडीओ ने 24 घंटे में मांगा था स्पष्टीकरण, मेहबूब आलम ने पांच पन्नों में आरोपों को बताया मनगढ़ंत व निराधार

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
गांडेय में अंबेडकर आवास की राशि गबन के आरोप पर उप मुखिया का पलटवार

भरत मंडल/न्यूज 11 भारत 

गांडेय/डेस्क: गांडेय प्रखंड के बड़कीटांड़ पंचायत के कुंडलोहारी गांव में अंबेडकर आवास योजना की राशि गबन किए जाने के आरोप को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मामले में प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय की ओर से पंचायत के उप मुखिया मेहबूब आलम से स्पष्टीकरण मांगा गया था. इसके जवाब में उप मुखिया ने पांच पन्नों का लिखित स्पष्टीकरण सौंपते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को मनगढ़ंत, निराधार एवं तथ्यहीन बताया है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने और उन्हें आरोप मुक्त करने की मांग की है.

बीडीओ कार्यालय ने 24 घंटे में मांगा था जवाब

बीडीओ कार्यालय से 29 अगस्त को जारी पत्र में कहा गया है कि दैनिक समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित खबरों तथा प्राप्त शिकायत के आलोक में मामला संज्ञान में आया है. पत्र में पिंकी टुडू के अंबेडकर आवास से संबंधित राशि के अलावा सरिता सोरेन की शिकायत का भी उल्लेख किया गया है. प्रशासन ने उप मुखिया से आरोपों के संबंध में 24 घंटे के अंदर स्वयं उपस्थित होकर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. पत्र की प्रतिलिपि उप विकास आयुक्त, गिरिडीह को भी भेजी गयी है.

योजना की राशि में गड़बड़ी का था आरोप

प्रशासन को भेजे पत्र में पिंकी टुडू के पति छोटेलाल मुर्मू के नाम से वर्ष 2021-22 में अंबेडकर आवास योजना के तहत 1.30 लाख रुपये की राशि मिलने का उल्लेख है. शिकायत में योजना की राशि के संबंध में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था. वहीं, एक अन्य शिकायत में आवास की छत ढलाई के लिए राशि मांगे जाने का आरोप भी सामने आया था. इन्हीं शिकायतों एवं मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर बीडीओ कार्यालय ने उप मुखिया से जवाब मांगा.

चार साल बाद शिकायत पर उठाये सवाल

अपने स्पष्टीकरण में मेहबूब आलम ने कहा है कि यदि वर्ष 2021-22 में उनके द्वारा लाभुक की आवास योजना की राशि हड़पी गयी थी, तो शिकायतकर्ता ने वर्ष 2021-22 से 2026 तक लगभग चार वर्षों के दौरान प्रखंड कार्यालय या किसी सक्षम पदाधिकारी के समक्ष शिकायत क्यों नहीं की. उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कोई शिकायत नहीं होने के बाद अचानक वर्ष 2026 में उनके विरुद्ध आरोप लगाया जाना भी जांच का विषय है.
उप मुखिया ने स्पष्ट किया है कि लाभुक के बैंक खाते से उनके द्वारा राशि निकाले जाने का कोई प्रमाण शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोप के समर्थन में बैंक रिकॉर्ड, निकासी प्रमाण, ऑडियो-वीडियो या कोई लिखित दस्तावेज है तो उसे जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाना चाहिए.

आवास धरातल पर मौजूद होने का दावा

मेहबूब आलम ने अपने जवाब में कहा है कि पिंकी टुडू के नाम से स्वीकृत अंबेडकर आवास धरातल पर मौजूद है. उन्होंने आवास योजना की स्वीकृति, भुगतान विवरण, योजना संख्या, जियो-टैगिंग एवं निर्माण की तस्वीरों की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच से वास्तविक स्थिति स्वत: स्पष्ट हो जाएगी.
उन्होंने वर्ष 2024-25 में पिंकी टुडू के पति के नाम से अबुआ आवास योजना स्वीकृत होने को भी महत्वपूर्ण तथ्य बताया है. स्पष्टीकरण में कहा गया है कि यदि पूर्व में उसी परिवार को अंबेडकर आवास योजना का लाभ मिला था, तो बाद में पति के नाम से अबुआ आवास योजना किस परिस्थिति में स्वीकृत हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए.

एक रुपया लेने से भी किया इनकार

उप मुखिया ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि उन्होंने पिंकी टुडू से अंबेडकर आवास योजना के नाम पर एक रुपया भी नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि लाभुक को योजना की राशि नहीं मिलने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना तथ्यों एवं नियमों के विपरीत है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करने तथा उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों से मुक्त करने की मांग की है.

अब प्रशासनिक जांच में बैंक खाते, योजना से जुड़े दस्तावेज, भुगतान विवरण, जियो-टैग फोटो और आवास की वास्तविक स्थिति के सत्यापन से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद है.

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