मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: सीसीएल पिपरवार क्षेत्र के बचरा संगम विहार स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में शुक्रवार को सीसीएल प्रबंधन, जॉय माइनिंग कंपनी (जेएमएस) एवं विस्थापित-प्रभावित ग्रामीणों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई. बैठक की अध्यक्षता पिपरवार क्षेत्र के महाप्रबंधक सुजीत कुमार ने की. वार्ता में मंगरदहा रैयत विस्थापित समिति चिरैयाटांड़ के अध्यक्ष विक्रम कुमार गंझु के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में उठाए गए विभिन्न मांगों एवं समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.
बैठक में पिपरवार भूमिगत खदान में रैयतों को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने, मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने तथा पिपरवार खुली परियोजना से संबंधित लंबित नियोजन एवं मुआवजा मामलों का शीघ्र निष्पादन करने पर चर्चा हुई. ग्रामीणों ने भूमि के पुनः उपयोग तथा ओपन कास्ट परियोजना से अंडरग्राउंड परियोजना में परिवर्तन के कारण प्रभावित रैयतों को नियमानुसार पुनः सीसीएल में नियोजन देने की मांग रखी.वार्ता के दौरान सीसीएल के अंतर्गत एमडीओ मोड में कार्य कर रही जॉय माइनिंग कंपनी में 75 प्रतिशत स्थानीय, विस्थापित एवं प्रभावित लोगों को रोजगार देने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई.
इसके अलावा जेएमएस कंपनी में कार्यरत मजदूरों को एचपीसी के निर्धारित मानकों के अनुसार भुगतान किए जाने की मांग पर भी विचार किया गया.ग्रामीणों ने क्षेत्र में पानी, सड़क, शिक्षा समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था के साथ-साथ भू-संरक्षण एवं भू-धसान से संबंधित सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने की मांग रखी. साथ ही भू-रैयतों की पहचान कर उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने तथा समिति द्वारा दिए गए आवेदन पर सीसीएल की ओर से लिखित आश्वासन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई.बैठक में सीसीएल प्रबंधन एवं जॉय माइनिंग कंपनी की ओर से ग्रामीणों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई.संबंधित मांगों के संबंध में सहमति व्यक्त करते हुए लिखित आश्वासन देने की बात कही गई. इसके अलावा सीसीएल एवं जेएमएस के कार्यों की निगरानी और आपसी समन्वय के लिए एक कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया.
कमेटी के माध्यम से भविष्य में कार्यों की क्रॉस-चेकिंग एवं नियमानुसार निगरानी सुनिश्चित की जाएगी.बैठक में पिपरवार जीएम सुजीत कुमार, अशोका पीओ जेके सिंह, कार्मिक प्रबंधक हेमचंद महतो, जेएमएस कंपनी के सुखविंद्र कुमार, अंजन रॉय, सुजीत भट्टाचार्य एवं सत्यजीत मंडल समेत कई अधिकारी मौजूद थे.
ग्रामीणों की ओर से इस्लाम अंसारी, इकबाल हुसैन, विक्रम गंझु, सकील अंसारी, नागेश्वर गंझु, अब्दुल अंसारी, रंथु गंझु, राहुल राम, जीतेन्द्र कुमार, इदरीश अंसारी, लियाकत अंसारी, सालकू गंझु, दिनेश महतो, वीरेंद्र गंझु, अमर महतो, दीपू करमाली,कैलाश करमाली, विश्वनाथ महतो, मोहम्मद असलम, मोहम्मद अब्बास, सोविंद, मनीष, गणेश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं प्रभावित लोग उपस्थित थे.