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रांची/डेस्क: झारखंड राज्य आकलन-प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने आज स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की. यह बैठक मुख्यमंत्री के निर्देश पर आयोजित की गई थी, जिसमें सहायक अध्यापकों की लंबित मांगों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा हुई.
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा, जिनमें—
◆आकलन परीक्षा प्रमाण पत्र जारी कर उसे TET के समकक्ष मान्यता देने,
◆आगामी सहायक आचार्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान करने,
◆सरकारी शिक्षकों की तरह समान कार्य के लिए समान वेतनमान लागू करने,
◆तथा संविदा कर्मियों के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार समान वेतनमान निर्धारण जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं.
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि झारखंड के अन्य विभागों में कार्यरत संविदा कर्मियों को वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है, जबकि पारा शिक्षकों को इससे वंचित रखा गया है.
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने पूरे विषय को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि संबंधित विभागीय मंत्री वर्तमान में बाहर हैं, उनके लौटते ही सभी पक्षों के साथ संयुक्त बैठक कर इस मुद्दे का समाधान निकाला जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि सभी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और बैठक की विस्तृत जानकारी भी साझा की जा चुकी है.
मंत्री जी ने आंदोलनरत शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है, इसलिए वे अनशन समाप्त करें और सकारात्मक संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ने दें. शिक्षकों को “सरकार का अभिन्न अंग” बताकर सकारात्मक राजनीतिक संदेश दिया गया, और 30 तारीख से पहले बैठक की समय-सीमा तय कर समाधान के प्रति प्रतिबद्धता भी दिखाई गई.
मंत्री के आश्वासन पर विश्वास जताते हुए प्रतिनिधिमंडल ने अपना अनशन समाप्त कर दिया. इस दौरान मंत्री जी ने स्वयं मीठा खिलाकर अनशन तुड़वाया, जो सरकार की सकारात्मक मंशा और समाधान के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना.
ज्ञात हो कि उक्त मांगों को लेकर मोर्चा द्वारा 18 अप्रैल 2026 से रांची के “नागा बाबा खटाल” स्थल पर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन चलाया जा रहा था, जिसमें कई शिक्षकों की तबीयत भी बिगड़ गई थी. अंत में, प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि शीघ्र ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा, जिससे राज्य के लगभग 45,000 सहायक अध्यापकों को न्याय मिल सके. इस अवसर पर संबंधित विभाग के पदाधिकारी, एसडीओ सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे.