भाजयुमो का मशाल जुलूस

जेपीएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भाजयुमो का मशाल जुलूस

युवाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी : शशांक राज

By : Ark Sahuliyar
जेपीएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भाजयुमो का मशाल जुलूस

न्यूज़11 भारत 
रांची/डेस्क:
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) रांची महानगर के नेतृत्व में ने मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) में कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची में विशाल मशाल जुलूस एवं प्रदर्शन का आयोजन किया. इस जुलूस में राजधानी रांची से बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने इस आंदोलन में भाग लेकर आयोग की कार्यप्रणाली के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की.

जयपाल सिंह स्टेडियम से प्रारंभ हुआ मशाल जुलूस "युवाओं के अधिकारों" और "भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष" के नारों के साथ अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचा, जहां भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आयोग की परीक्षाओं और चयन प्रक्रिया में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है.

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि भाजयुमो झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने देगा. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड लोक सेवा आयोग अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बरतने में विफल रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत अभ्यर्थियों द्वारा उत्तरपुस्तिकाओं की प्रतियां मांगे जाने के बावजूद आयोग उन्हें सार्वजनिक क्यों नहीं करता.

उन्होंने कहा कि जब आयोग प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से परीक्षाओं का आयोजन नहीं करता, तब अभ्यर्थियों की आयु सीमा में कटौती करना युवाओं के साथ अन्याय है. सरकार और आयोग को इस विषय पर गंभीरता से विचार कर युवाओं को न्याय देना चाहिए.

शशांक राज ने यह भी आरोप लगाया कि आयोग वर्षों से नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं कर रहा है, जिससे अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता बनी रहती है. उन्होंने मांग की कि जेपीएससी प्रत्येक वर्ष समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर जारी करे तथा चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाने के लिए सभी परीक्षाओं के कट-ऑफ अंक सार्वजनिक करे.

राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी अब "झारखंड लोक सेवा आयोग" नहीं बल्कि "झारखंड पैसा उगाओ आयोग" बनकर रह गया है. उन्होंने दावा किया कि आयोग सरकार के लिए "एटीएम" की तरह कार्य कर रहा है, जहां कथित रूप से पैसों के बल पर नौकरियां बेची जा रही हैं. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई नहीं है, तो सरकार और आयोग को पूरी भर्ती प्रक्रिया सार्वजनिक कर युवाओं के सभी सवालों का जवाब देना चाहिए.

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य के मूलवासी युवाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है तथा बाहरी लोगों को कथित रूप से लाभ पहुंचाकर झारखंड के युवाओं के सपनों से समझौता किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भाजयुमो राज्य के युवाओं के हितों से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती के साथ उठाता रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.

भाजयुमो ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक संगठन का नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों प्रतियोगी छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है. संगठन ने सरकार और आयोग से भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही एवं समयबद्ध परीक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की.

भाजयुमो रांची महानगर जिलाध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा कि झारखंड के युवाओं का धैर्य अब जवाब दे चुका है. जेपीएससी से जुड़ी लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं ने प्रतियोगी छात्रों का भरोसा तोड़ा है. जिस आयोग पर युवाओं के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी है, वही आयोग आज सवालों के घेरे में है. सरकार और आयोग को युवाओं के हर प्रश्न का पारदर्शी एवं तथ्यात्मक उत्तर देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मशाल जुलूस केवल विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं की पीड़ा और न्याय की मांग का प्रतीक है. भाजयुमो रांची महानगर युवाओं की इस लड़ाई में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है. जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध नहीं होगी, तब तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा. इस कार्यक्रम में मुख्यरूप से वरुण साहू, क गुप्ता सुबोध सिंह गुड्डू मनीष दुबे  प्रिंस कुमार बलराम सिंह राजू सिंह संकेत तिवारी रंजीत नाथ आचार्य तरुण दास तुषार आरव अमित दुबे विक्रम साहू रौनक सिंह राजपूत सनी सिंह ललित ओझा चंदन प्रजापति सतीश सिंह शाहिद सैकड़ो की संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए.
 

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