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रांची/डेस्क: उत्पाद विभाग में 2021-25 की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में तकनीकी गड़बड़ियों के खुलासे को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए इसमें जवाबदेही तय कर उचित कार्रवाई की मांग की है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने कहा कि पीएजी की ऑडिट रिपोर्ट ने उत्पाद विभाग में गंभीर अनियमितताओं की पोल खोल दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कार्यप्रणाली के कारण निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया और सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि इस ऑडिट रिपोर्ट में शराब कारोबार की निगरानी व्यवस्था, होलोग्राम छपाई, जीपीएस सिस्टम और राजस्व प्रबंधन से जुड़ी कई अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट में इन कमियों के कारण सरकार को करीब *20 हजार करोड़ रुपये तक के संभावित राजस्व नुकसान* की बात सामने आई है. रिपोर्ट में होलोग्राम छपाई, जीपीएस निगरानी और दस्तावेजों की उपलब्धता को लेकर जो सवाल उठाए गए हैं, वे बेहद गंभीर हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले सुरक्षा होलोग्राम सरकारी व्यवस्था की बजाय निजी वेंडर से छपवाए गए. रिपोर्ट में शराब ढोने वाले वाहनों में लगाए गए जीपीएस सिस्टम के प्रभावी ढंग से संचालित नहीं होने और ऑडिट टीम को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाने का भी उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट में इन कमियों के कारण निगरानी व्यवस्था और राजस्व संग्रह प्रणाली प्रभावित होने की बात कही गई है.
भाजपा प्रवक्ता ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पूरे मामले पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए. साथ ही भाजपा ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री से इस्तीफे की भी मांग की है और कहा है कि यदि जवाबदेही तय नहीं हुई तो भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी.
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