विरेन्द्र शर्मा/न्यूज11 भारत
बरही/डेस्क: चौपारण थाना क्षेत्र के बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन झारखंड सीमा से सटा चौपारण क्षेत्र शराबियों और अवैध कारोबारियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है. सूत्रों का मने तो शराब और अवैध धंधे का बोलबाला रहता है. बॉर्डर से लेकर चतरा रोड स्थित कई होटल, ढाबे और लाइन होटल देर रात तक शराबखोरी के अड्डे में तब्दील रहते हैं. शाम ढलते ही बिहार से बड़ी संख्या में लोग बाइक, कार और छोटे वाहनों से चौपारण पहुंचते हैं और खुलेआम शराब का सेवन करते हैं.
स्थानीय लोगों का माने तो कई होटलों में बिना लाइसेंस नियमों के विरुद्ध खुलेआम शराब परोसी जा रही है. हाल के दिनों में नए थाना प्रभारी पंकज कुमार आने के बाद पुलिस द्वारा कई बार छापेमारी अभियान चलाया गया, लेकिन कार्रवाई नगण्य रहने से होटल संचालकों का मनोबल और बढ़ गया है. स्थिति यह है कि अब कई स्थानों पर बेखौफ होकर शराब परोसी जा रही है. सूत्रों की मानें तो कुछ होटलों में सिर्फ शराबखोरी ही नहीं, बल्कि अन्य अवैध गतिविधियों के संचालन की चर्चाएं भी पहले सामने आ चुकी हैं, बावजूद इसके अब तक कोई बड़ी और स्थायी कार्रवाई नहीं हो सकी है.
चौपारण घाटी से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण घाटी क्षेत्र में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. कई बार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, फिर भी शराबखोरी का यह खेल थमता नजर नहीं आ रहा.
ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि केवल औपचारिक छापेमारी नहीं, बल्कि बिना लाइसेंस शराब परोसने वाले होटलों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही अवैध गतिविधियों में शामिल संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर चौपारण को अपराध और शराबखोरी के बढ़ते अड्डे बनने से रोका जाए.
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