न्यूज़11 भारत
रांची/डेस्क: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट किया हैं. उन्होंने लिखा है कि झारखंड में डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सरकार की अंधेरगर्दी और मनमानी का मामला सुप्रीम कोर्ट के नवीनतम आदेश के बाद अब साफ हो गया हैं.
बाबूलाल मरांडी ने लिखा 'एक महीने के भीतर प्रकाश सिंह जजमेंट के तहत यूपीएससी से अनुमोदित करायी गयी सूची से ही डीजीपी की नियुक्ति के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह तय है कि अब झारखंड सरकार को भी यह काम करना ही पड़ेगा.' उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कानून सम्मत लंबी लड़ाई का सकारात्मक परिणाम अब सामने आया हैं.
बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि रिटायर होने के बाद भी डीजीपी के पद पर काम कर रही तदाशा मिश्रा अपेक्षाकृत बेहतर अधिकारी रही हैं. उन्होंने तदाशा मिश्रा से अपील की कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में अपने पद से स्वयं इस्तीफा दें और नैतिक मूल्यों का पालन करें. बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि "सेवा काल में विवाद से दूर रहने वाली अधिकारी आख़िर किस वजह से अपने पूरे करियर की अच्छाई को ग़ैरक़ानूनी काम करते हुए बट्टा लगाने का फैसला करेंगी?"
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि उनकी यह लड़ाई यहीं नहीं रुकेगी. उन्होंने कहा कि झारखंड में डीजीपी के पद पर रहे सभी अधिकारियों द्वारा वेतन और अन्य मद में ली गई रकम की वसूली, उनके कार्यों को रद्द कराने और उनकी संपत्ति की जांच कराने के लिए वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे.
यह भी पढ़े: रांची: सुखदेव नगर में दखल-दिहानी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, पीड़ित परिवार को बड़ी राहत