मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची द्वारा 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को मैक्लुस्कीगंज के हेसालॉन्ग क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों और उसके कानूनी प्रभावों के प्रति जागरूक करना रहा.
यह कार्यक्रम सुजीत नारायण प्रसाद के दिशा-निर्देश, कुमारी रंजना अस्थाना एवं अनिल कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया. मौके पर डालसा सचिव राकेश रौशन भी उपस्थित रहे.
कार्यक्रम में पीएलवी सत्यपाल शर्मा ने ‘नालसा डॉन-ड्रग जागरूकता एवं कल्याण मार्गदर्शन योजना 2025’ की जानकारी देते हुए कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य भारत को नशामुक्त बनाने के साथ मादक पदार्थों से प्रभावित लोगों को कानूनी एवं सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना है. उन्होंने बताया कि योजना के तहत युवाओं को नशे के खतरे और उसके कानूनी परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, वहीं नशे से पीड़ित लोगों के पुनर्वास, काउंसलिंग और उपचार पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि नालसा की संशोधित योजना में मादक पदार्थों के सेवन से प्रभावित लोगों तथा तस्करी के शिकार पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है.
इस दौरान रंजना गिरि ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी. वहीं रंजना गिरि और विकास भुईंया ने बाल श्रम, बाल विवाह और पीड़ित मुआवजा योजना पर विस्तार से चर्चा की.
राम उरांव एवं विकास भुईंया ने नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी. वहीं जलेश्वर उरांव और संतोष कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मंईयां सम्मान योजना समेत विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी.
कार्यक्रम के अंत में आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देते हुए पंपलेट एवं लिफलेट का वितरण किया गया.
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