भू-धंसान

सीसीएल गिरिडीह कोलियरी क्षेत्र स्थित लंकास्टर अस्पताल परिसर में एक बार फिर भू-धंसान की हुई घटना

दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद शाम 5 बजे अस्पताल परिसर में स्थित भवन का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिरा

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
सीसीएल गिरिडीह कोलियरी क्षेत्र स्थित लंकास्टर अस्पताल परिसर में एक बार फिर भू-धंसान की हुई घटना

श्रीकान्त/न्यूज11  भारत 

गिरिडीह/डेस्क: सीसीएल गिरिडीह कोलियरी क्षेत्र स्थित लंकास्टर अस्पताल परिसर में एक बार फिर भू-धंसान की घटना हुई है. पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बाद शाम 5 बजे अस्पताल परिसर में स्थित भवन का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर गया. गनीमत यह रही कि समय रहते अस्पताल को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया था, जिससे कोई बड़ा हादसा या जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.बता दें कि 25 अगस्त 2026 को इसी अस्पताल परिसर में अचानक तेज भू-धंसान हुआ था, जिससे परिसर की मुख्य सड़क और दो इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं. दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई थीं. घटना के तुरंत बाद सतर्कता बरतते हुए प्रबंधन ने अस्पताल को सीसीएल ऑफिसर्स क्लब में स्थानांतरित कर दिया था. संभावित खतरे को देखते हुए पूरे परिसर की बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई थी. 1 सिंतबर की रात व 2 सितंबर को लगातार दो दिनों तक जमकर बारिश हुई. बारिश के कारण जमीन के अंदर पानी का रिसाव बढ़ गया, जिससे जमीन धंसने की प्रक्रिया तेज हो गई. इसके चलते गुरुवार शाम अस्पताल का बचा हुआ एक और भवन भी धराशायी होकर क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के समय क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई. भू-धंसान के बाद अस्पताल पहुंचे जीएम के एस गैवाल ने कहा कि ​परिसर में रह रहे कर्मचारियों को दूसरी जगह भेजा जाएगा. उन्होंने अस्पताल से सटे आसपास के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने परिवारों के साथ संवेदनशील क्षेत्र को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं. जीएम गैवाल ने कहा कि ​25 अगस्त की सुबह भी हमें अस्पताल में भू-धंसान की सूचना मिली थी. सूचना मिलते ही हमने अपनी टीम, पीओ और डॉक्टरों के साथ प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से उस पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. ​जांच के दौरान हमने अवैध खनन स्थलों को भी नष्ट कर दिया है. मरीजों की स्वास्थ्य सुविधाएं प्रभावित न हों, इसके लिए अस्पताल सेवाओं को नई सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया है. हम इस खतरनाक भवन से सारा सामान शिफ्ट करके ध्वस्त करने की प्रक्रिया में हैं.

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