ब्योमकेश मिश्रा/न्यूज़11 भारत
चंदनकियारी/डेस्क: प्रखंड के आमलाबाद स्थित मंगलम कोलफील्ड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधन की कार्यशैली और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मंगलवार को बिहार कोल माइनर्स यूनियन के बैनर तले ग्रामीणों ने कोलियरी गेट जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन को छह सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा.
कार्यक्रम की अध्यक्षता आमलाबाद पंचायत के पूर्व मुखिया संजीत रजवार ने की, जबकि संचालन सेवानिवृत्त शिक्षक मोतीलाल रजवार ने किया. यूनियन के सचिव अनिल बाउरी ने कहा कि प्रबंधन के माध्यम से बीसीसीएल भौंरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को कई बार मांग पत्र सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार देने का प्रावधान है, लेकिन इसका पालन नहीं किया जा रहा है.
किसान नेता राजू रजवार ने बताया कि वर्ष 2024 में कंपनी के निदेशक यथेश गर्ग और प्रखर गर्ग ने आमलाबाद कोलियरी का दौरा कर ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि एक वर्ष के भीतर उत्पादन शुरू कर स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाएगा. ग्रामीणों ने कंपनी को पूरा सहयोग भी दिया, लेकिन दो वर्ष बीतने के बाद भी किसी स्थानीय व्यक्ति को रोजगार नहीं मिला. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रबंधन ने अपनी व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा.
वहीं किसान नेता जगन्नाथ रजवार ने कहा कि आमलाबाद कोलियरी बीसीसीएल की उन चुनिंदा कोलियरियों में रही है, जहां उच्च गुणवत्ता वाला कोकिंग कोल उत्पादन होता था. उन्होंने आरोप लगाया कि कोलियरी के विकास की हमेशा अनदेखी की गई. उन्होंने कहा कि 19 अक्टूबर 1971 को राष्ट्रीयकरण और 29 फरवरी 2008 को कोलियरी बंद होने के बाद क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी. 9 मई 2024 को पुनः उद्घाटन के बावजूद रोजगार के नाम पर ग्रामीणों को ठगा जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया. कंपनी के अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि अधिकांश मांगों पर पहले से ही कार्य किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि कंपनी में लगभग 90 प्रतिशत स्थानीय लोग कार्यरत हैं. साथ ही क्षेत्र में अस्पताल, खिलाड़ियों के लिए खेल सामग्री और आसपास के गांवों के विकास के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं.
हालांकि यूनियन के सचिव अनिल बाउरी ने कहा कि सभी मांगों पर पूर्ण सहमति नहीं बनी है और आगे भी आंदोलन जारी रहेगा, ताकि स्थानीय लोगों को उनका हक मिल सके.
प्रदर्शन के दौरान रामलाल महतो, ज्योति लाल महतो, नीमाई बाउरी, संजय कालिंदी, मुकेश बाउरी, निमाई रजवार, जितेंद्र बाउरी, रमेश रजवार, मागाराम रजवार, दिनबंधु शेखर, वंशीधर महतो, बसंत शेखर, रहिम अंसारी, रंजीत यादव, तपन प्रमाणिक, उमा गोराई, मो. इब्राहीम अंसारी, अब्दुल हक, संतोष रजवार, शिव शंकर पासवान, अनिता बाउरी, मालती देवी, मुन्नी खातुन, लक्ष्मी देवी, कमला देवी, सावित्री देवी, फुचु कुमारी, विजय सिंह, अभिषेक राय, गीता देवी, उपासी देवी, शांति देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे
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