एसीबी की कार्रवाई

एसीबी की कार्रवाई, तीन दशक पुराने गबन मामले में पूर्व सरकारी कर्मचारियों व संवेदकों समेत छह गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान कई अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है<br/>

By : Pramod Kumar , News11 Bharat
एसीबी की कार्रवाई, तीन दशक पुराने गबन मामले में पूर्व सरकारी कर्मचारियों व संवेदकों समेत छह गिरफ्तार

संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत

पलामू/डेस्क: पलामू जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB की विशेष टीम ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है गुरुवार को एसीबी की टीम ने जिले के छतरपुर, नौडीहा बाजार और चैनपुर थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर छह नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गिरफ्तार किए गए लोगों में तत्कालीन प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, पंचायत सेवक (रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी), योजना से जुड़े अध्यक्ष-सचिव और संवेदक शामिल हैं हालांकि, कार्रवाई के दौरान कई अन्य आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है.

यह मामला लगभग तीन दशक पुराना है, जब पलामू अविभाजित बिहार का हिस्सा हुआ करता था। उस दौरान 'जवाहर रोजगार योजना' के तहत छतरपुर और नौडीहा बाजार क्षेत्र में सड़क निर्माण, कुआं (कूप) निर्माण एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं से जुड़ी सरकारी योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधली और राशि के गबन का खुलासा हुआ था। मामले में शुरुआती जांच के बाद वर्ष 2009 में अनियमितता का मामला सामने आया, जिसके बाद एसीबी ने वर्ष 2016 में कांड संख्या 27/16 दर्ज कर आधिकारिक रूप से जांच शुरू की थी.

लंबे समय तक चली सूक्ष्म जांच और न्यायालय के आदेश के बाद एसीबी ने ठोस साक्ष्य जुटाकर गुरुवार को त्वरित कार्रवाई की। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों में छतरपुर के तत्कालीन प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, पंचायत सेवक महेश प्रसाद और रामचंद्र यादव उर्फ चरण के अलावा योजना से जुड़े अध्यक्ष, सचिव व 4 संवेदक शामिल हैं.

 इस मामले में मुख्य आरोपियों में शामिल तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) रामाशीष यादव का सेवानिवृत्ति के बाद पूर्व में ही निधन हो चुका है, जबकि कुछ अन्य आरोपियों की भी जांच के दौरान मृत्यु हो चुकी है.

गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को पलामू प्रमंडलीय एसीबी कार्यालय लाकर गहन पूछताछ की गई देर शाम सभी का मेडिकल  कराने के उपरांत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. सूत्रों के अनुसार मिली जनकारी यह हैं कि इस मामले में फरार चल रहे बाकी अभियुक्तों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.

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