मुमताज अहमद/न्यूज11 भारत
खलारी/डेस्क: ग्राम डिही मुरूप, थाना लातेहार, जिला लातेहार निवासी 14 वर्षीय छात्र राजनाथ कुमार ठाकुर के मैक्लुस्कीगंज स्थित एक निजी हॉस्टल से लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद छात्र का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है. वहीं, इस घटना ने निजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था और उनकी जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, राजनाथ कुमार ठाकुर, पिता संतोष ठाकुर, मैक्लुस्कीगंज के एक निजी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था. बताया जाता है कि वह 16 जुलाई से लापता है. घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं, जबकि पुलिस भी मामले की जांच में लगी है. हालांकि अब तक छात्र के संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है.
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक नाबालिग छात्र हॉस्टल परिसर से कैसे गायब हो गया. क्या हॉस्टल प्रबंधन द्वारा बच्चों की नियमित निगरानी की जाती थी? क्या परिसर में सीसीटीवी कैमरे और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध थी? यदि हां, तो छात्र के गायब होने की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल सकी?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ हॉस्टलों में भेजते हैं. ऐसे में एक छात्र का अचानक लापता हो जाना न केवल चिंताजनक है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है. लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
फिलहाल, पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं. परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से राजनाथ कुमार ठाकुर की शीघ्र और सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित करने की अपील की है. साथ ही, क्षेत्र में संचालित निजी हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक जांच कराने की मांग उठने लगी है.
जब तक राजनाथ कुमार ठाकुर सकुशल अपने परिवार के बीच नहीं लौटता, तब तक यह सवाल बना रहेगा कि एक नाबालिग छात्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी?
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