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रांची/डेस्क: झारखंड मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएमएचआईडीपीसीएल) के निदेशक मंडल की 19वीं बैठक गुरुवार को अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई. बैठक में कुल 32 एजेंडों पर चर्चा की गई. बैठक का प्रमुख निर्णय पीपीपी मोड पर संचालित पैथोलॉजी सेवाओं को लेकर रहा. बोर्ड ने निर्णय लिया कि जिन जिलों के सदर अस्पतालों में जांच की पर्याप्त सरकारी सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, वहां पीपीपी मोड पर कार्यरत पैथोलॉजी एजेंसियों की सेवाएं समाप्त की जाएंगी.
बैठक में सहिया कार्यकर्ताओं के लिए टैब तथा स्वास्थ्य विभाग के लिए लैपटॉप खरीदने के प्रस्ताव पर भी बात की गई. इसकी संचिका कैबिनेट को भेजा जाएगा. इसके अलावा सहिया कार्यकर्ताओं के लिए स्कूटी और वर्दी (बंडी) उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ. अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि निर्धारित मापदंडों एवं नियमों के तहत ही स्कूटी सहित अन्य सामग्री की खरीद की जाए तथा जहां आवश्यक हो, वहां आवश्यक खर्च किया जाए. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन जिलों में कंप्यूटर की आवश्यकता हो वहां खरीदी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका समय पर संस्थापन और उपयोग हो.
बैठक में बोर्ड के पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया. बोर्ड ने इसे मजबूत बनाने के लिए 20 पदों के सृजन की अनुशंसा की. साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया. कहा गया कि जहां उनकी आवश्यकता नहीं है, वहां संबंधित कर्मियों को एजेंसी को वापस कर दिया जाए. बैठक में एनएचएम के एमडी शशि प्रकाश झा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, उप सचिव ध्रुव प्रसाद तथा संयुक्त निदेशक रीतु सहाय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
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