ज्ञापन

कल्याणपुर के ग्रामीणों ने सिमरिया विधायक को सौंपा ज्ञापन, कई समस्याओं से कराया गया अवगत

बेंती-बहेरा-कल्याणपुर पंचायत की चार जर्जर सड़कों का कालीकरण तथा पुलिया और गार्डवाल निर्माण कराने की मांग

By : Pramod Kumar
कल्याणपुर के ग्रामीणों ने सिमरिया विधायक को सौंपा ज्ञापन, कई समस्याओं से कराया गया अवगत

मुमताज अहमद/न्यूज11  भारत 

खलारी/डेस्क:  पिपरवार क्षेत्र के कल्याणपुर के ग्रामीणों ने सिमरिया विधायक कुमार उज्जवल से मुलाकात कर दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे. ग्रामीणों ने क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति से विधायक को अवगत कराते हुए शीघ्र समाधान की मांग की.भाजपा पिपरवार मंडल महामंत्री संजय कुमार भोगता के नेतृत्व में सौंपे गए पहले ज्ञापन में बेंती-बहेरा-कल्याणपुर पंचायत की चार जर्जर सड़कों का कालीकरण तथा पुलिया और गार्डवाल निर्माण कराने की मांग की गई. ग्रामीणों के अनुसार इन सड़कों की स्थिति खराब होने के कारण आवागमन में काफी परेशानी होती है.ग्रामीणों ने कल्याणपुर बाजारटांड़ चौक से सिंदालू आरईओ रोड तक, आरईओ रोड से रामे उरांव के घर तक, जहां दो बड़ी और एक छोटी पुलिया का निर्माण आवश्यक बताया गया है, बेंती बाजारटांड़ से पाहन टोंगरी तक तथा मनोज गंझू के घर से सिदालू श्मशान घाट तक की सड़क निर्माण की मांग की गई है.दूसरे ज्ञापन में ग्रामीण जनता कल्याणपुर की ओर से बिजली की समस्या को प्रमुखता से उठाया गया. ग्रामीणों ने बताया कि कल्याणपुर सीसीएल पिपरवार के विस्थापित एवं प्रभावित क्षेत्र में आता है. वर्ष 1990 में पिपरवार ओपन कास्ट कोयला खदान शुरू होने के बाद करीब 37 वर्ष बीत चुके हैं, बावजूद इसके गांव में आज भी कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है.ग्रामीणों का कहना है कि कल्याणपुर बाजारटांड़ से अखरा टोला होते हुए बरटोला पानी टंकी तक बिजली के नए पोल और तार नहीं लगाए गए हैं. इसके कारण ग्रामीण बांस-बल्लियों के सहारे असुरक्षित तरीके से बिजली का उपयोग करने को मजबूर हैं.ग्रामीणों ने सीएसआर के तहत प्रभावित क्षेत्र में बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद विधायक कुमार उज्जवल ने दोनों मांगों पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और जल्द से जल्द समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया.मौके पर संजय कुमार भोगता, बालेश्वर उरांव, शिवशंकर साव, जागेश्वर टाना भगत, छोटेलाल उरांव, सोनू भगत, पिंटू कुमार साव, रामदयाल उरांव, अनिल उरांव, राजकुमार उरांव, सिकंदर पासवान, सुलेंद्र उरांव, मनीष उरांव सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

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