खामेनेई का अंतिम संस्कार
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खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होंगे सैयद अता हसनैन और पबित्रा मार्गेरिटा, PM Modi की जगह जाएंगे ईरान

खामेनेई के अंतिम राजकीय समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे बिहार के राज्यपाल और केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री

By : Ark Sahuliyar
खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होंगे सैयद अता हसनैन और पबित्रा मार्गेरिटा, PM Modi की जगह जाएंगे ईरान

न्यूज़11 भारत 
नई दिल्ली/डेस्क:
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की स्मृति में आयोजित होने वाले राजकीय अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा. यह कार्यक्रम 4 जुलाई 2026 से शुरू होगा और कई दिनों तक ईरान के अलग-अलग शहरों में आयोजित किया जाएगा. भारत की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस अवसर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी को मिला था निमंत्रण
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने इस राजकीय समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेजा था. हालांकि, पहले से निर्धारित इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के विदेश दौरे के चलते प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे. ऐसे में भारत सरकार ने हसनैन और पबित्रा मार्गेरिटा को आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में नामित किया है.

4 से 9 जुलाई तक कई शहरों में होंगे श्रद्धांजलि और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम
ईरानी मीडिया के अनुसार, 4 और 5 जुलाई को राजधानी तेहरान स्थित इमाम खुमैनी मोसाला प्रार्थना हॉल में श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाएंगी. इसके बाद 6 और 7 जुलाई को तेहरान और धार्मिक महत्व वाले शहर कोम में अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. कार्यक्रम का समापन 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में होगा, जहां अयातुल्ला अली खामेनेई को शिया मुसलमानों के आठवें इमाम, इमाम रजा के पवित्र दरगाह परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. इन आयोजनों में लाखों लोगों के साथ कई देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई गई है.

एयरस्ट्राइक में हुई थी खामेनेई की मौत
ईरान के लंबे समय तक सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त एयरस्ट्राइक में मौत हो गई थी. उनकी मृत्यु के बाद मार्च की शुरुआत में उनके बेटे मोज्तबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता चुना गया. राजकीय अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम में अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई पर भी सबकी नज़र रहेगी. नए सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद से 56 साल के मोज्तबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक तौर पर नज़र नहीं आये हैं. न ही उन्होंने कोई विडियो सन्देश जारी किया है. दुनिया भर की मिडिया रिपोर्ट्स में उनकी सेहत को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. 

यह भी पढ़ें- एक बार फिर खतरा टला? अमेरिका और ईरान फिर से आएंगे वार्ता की टेबल पर, इस बार कतर में होगी 'महाबैठक'

 

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