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नई दिल्ली/डेस्क: केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी है, जिसमें दोषियों के खिलाफ पहले से अधिक कड़े दंड का प्रावधान किया गया है. प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, पेपर लीक जैसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों को अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा. इसके अलावा, संगठित तरीके से पेपर लीक कराने वाले गिरोहों और नेटवर्क के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है.
सोमवार को संसद में पेश किया जा सकता है संशोधन विधेयक
विधेयक में यह भी व्यवस्था की गई है कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में होगी, जहां तीन महीने के भीतर फैसला सुनाने का लक्ष्य निर्धारित किया जाएगा. माना जा रहा है कि इससे परीक्षा संबंधी अपराधों के मामलों का जल्द निपटारा संभव हो सकेगा. सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सोमवार को इस संशोधन विधेयक को संसद में पेश कर सकते हैं. सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत करना है.
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