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रांची/डेस्क: पश्चिम बंगाल में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई हैं. राज्य सरकार ने विभिन्न सरकारी पदों पर भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने का फैसला लिया हैं. वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के बाद अब कोई ऐसे अभ्यर्थियों को भी मौका मिल सकेगा, जो पहले आयु सीमा पार होने की वजह से आवेदन नहीं कर पा रहे थे. सरकार का यह फैसला राज्य में रोजगार को लेकर युवाओं के बीच बढ़ती मांग और लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के बीच लिया गया माना जा रहा हैं.
11 मई से लागू हुआ नया नियम
राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वेस्ट बंगाल सर्विसेज (रेजिंग ऑफ एज लिमिट') रूल्स, 1981 में संशोधन किया गया हैं. नए नियमों को 11 मई से प्रभावी माना गया हैं. इस बदलाव के बाद अब विभिन्न श्रेणियों के सरकारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा पहले की तुलना में ज्यादा कर दी गई हैं.
किस ग्रुप के लिए कितनी हुई नई आयु सीमा?
संशोधित नियमों के तहत अलग-अलग ग्रुप की नौकरियों के लिए नई आयु सीमा तय की गई हैं.
- ग्रुप A पद: ग्रुप A के पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा अब 41 वर्ष दी गई हैं. हालांकि जिन पदों के लिए पहले से इससे अधिक आयु सीमा निर्धारित है, वहां पुराना नियम ही लागू रहेगा.
- ग्रुप B पद: ग्रुप B श्रेणी की नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 44 वर्ष कर दी गई हैं.
- ग्रुप C और D: ग्रुप C और D के पदों पर भर्ती के लिए अब उम्मीदवार 45 वर्ष तक आवेदन कर सकेंगे.
सरकारी कंपनियों और स्थानीय निकायों में भी लागू होगा नियम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधित आयु सीमा केवल पारंपरिक सरकारी विभागों तक सीमित नहीं रहेगी. पश्चिम बंगाल पब्लिक सर्विस कमीशन के दायरे से बाहर आने वाली कई सरकारी संस्थाओं, सरकारी कंपनियों और स्थानीय निकायों की भर्तियों में भी यह नियम लागू होगा. विशेष रूप से “वेस्ट बंगाल रेगुलेशन ऑफ रिक्रूटमेंट इन स्टेट स्टैच्यूटरी बॉडीज, गवर्नमेंट कंपनीज एंड लोकल अथॉरिटीज एक्ट, 1999” के तहत होने वाली नियुक्तियों में अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई हैं.
राजनीतिक बदलाव के बाद तेज हुए फैसले
राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन देखने को मिला. सीएम शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी नई सरकार लगातार प्रशासनिक और नीतिगत बदलाव कर रही हैं. 2026 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने भारी बहुमत हासिल करते हुए राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर किया. 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर संतोष करना पड़ा.
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