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रांची/डेस्क: रामनगरी अयोध्या में हर रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है. अयोध्या धाम आने वाले लगभग 99 प्रतिशत श्रद्धालु हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन-पूजन करने अवश्य जाते हैं. सुरक्षा कारणों से राम जन्मभूमि में कोई भी श्रद्धालु किसी भी प्रकार का प्रसाद लेकर प्रवेश नहीं कर सकता है, हालांकि कनक भवन और सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद चढ़ा सकते हैं.
लड्डू का रेट भी ₹450 से ₹500 प्रति किलो है
हनुमानगढ़ी में बजरंग बली को बेसन के लड्डू का भोग लगाया जाता है. पूर्व में हनुमानगढ़ी के महंत रहे संजय दास महाराज ने लड्डू प्रसाद विक्रेताओं की एक बैठक की थी, जिसमें उन्होंने सभी विक्रेताओं को प्रसाद की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी थी. उन्होंने कहा था कि लड्डू उच्च क्वालिटी के बेसन और देसी घी से बनाएं, साथ ही लड्डू का रेट भी ₹450 से ₹500 प्रति किलो फिक्स किया गया था.
प्रसाद का सैंपल टेस्ट में फेल
संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास ने पहले ही सभी लड्डू प्रसाद विक्रेताओं को सूचित किया था कि फूड सेफ्टी विभाग सभी दुकानों पर बिकने वाले प्रसादों की क्वालिटी टेस्ट कराएगा. त्योहार के सीजन को देखते हुए, अयोध्या के सहायक खाद्य अधिकारी द्वितीय मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि आयुक्त महोदय के निर्देश के क्रम में फूड सेफ्टी के लिए 31 नमूने लिए गए थे, जिसमें पेड़े, बेसन के लड्डू और देसी घी के सैंपल भी शामिल थे.
देसी घी और बेसन में मिलावट सामने आई
जांच में तीनों सैंपल फेल हो गए हैं. देसी घी और बेसन में मिलावट पाई गई है. आगे की विस्तृत जांच के लिए फूड सेफ्टी की टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है. इसके साथ-साथ, टीम जिले में सिंघाड़े और कुट्टू के आटे की भी जांच कर रही है, ताकि कोई भी बड़ी अनहोनी होने से पहले स्थिति को नियंत्रण में किया जा सके.
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