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रांची/डेस्क: 15वें वित्त आयोग के तहत शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को मिलने वाले अनुदान के संबंध में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट की है.
24 जून 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त हो चुकी है, इसलिए इसके तहत अब कोई अतिरिक्त राशि जारी नहीं की जा सकती.
पत्र के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में झारखंड में शहरी स्थानीय निकायों का विधिवत गठन नहीं होने के कारण उस वर्ष अनुदान का लाभ नहीं मिल सका था. बाद में राज्य सरकार द्वारा 22 मार्च 2026 को मंत्रालय को सूचित किया गया कि नगर निकाय चुनाव संपन्न हो चुके हैं और सभी ULBs का गठन हो गया है. इसके आधार पर 31 मार्च 2026 को वर्ष 2023-24 के लिए टाइड (Tied) अनुदान की दूसरी किस्त 118 करोड़ रुपये तथा अनटाइड (Untied) अनुदान की दूसरी किस्त 78 करोड़ रुपये जारी कर दी गई.
विभागीय मंत्री ने कहा कि केंद्र से इस मद में 2200 करोड रुपए मिलना था लेकिन मिला सिर्फ 196 करोड़ ही
हालांकि पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राज्य सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर दावा प्रस्तुत नहीं कर सकी. चूंकि 15वें वित्त आयोग का अवार्ड चक्र समाप्त हो चुका है, इसलिए अब इन वर्षों के लिए कोई राशि जारी करना संभव नहीं है.

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