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रांची/डेस्क: लिवरपूल में एक दिल दहला देने वाली वारदात ने सभी को झकझोर कर रख दिया हैं. एक 34 वर्षीय शख्स ने अपनी गर्लफ्रेंड के घर में घुसकर उसे 18 बार चाकू मारा. घायल महिला सड़क पर लहूलुहान हालत में भागती रही और पुलिसकर्मियों से आखिरी सांसों में यही पूछती रही- क्या मैं मर जाउंगी?
18 बार हुआ वार फिर भी चिल्लाती रही सड़क पर
यह मामला मर्सीसाइड के ह्यूटन इलाके का है, जहां माइकल ऑरमैंडी नामक युवक ने अपनी प्रेमिका रेबेका कैंपबेल (उम्र 32) की बेरहमी से हत्या कर दी. घटना के वक्त रेबेका अपने घर में अकेली थी. हमले के बाद वह दर्द से तड़पते हुए बाहर निकली और सड़क पर दौड़ने लगी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह चिल्ला रही थी- “किसी ने मुझे चाकू मारा है!” जिसके कुछ ही देर बाद में वह जमीन पर गिर पड़ी. रेबेका को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने अगले दिन उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि उसके शरीर पर 18 गहरे चाकू के घाव और नौ जगह कटने के निशान थे.
आरोपी ने पुलिस पर लगाया आरोप
लिवरपूल क्राउन कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान आरोपी माइकल ऑरमैंडी ने चौंकाने वाला बयान दिया. उसने कहा कि अगर पुलिस ने “पिछले हफ्ते अपना काम किया होता”, तो यह वारदात नहीं होती. दरअसल, कुछ दिन पहले ही दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसमें रेबेका ने उस पर जूता फेंका और थप्पड़ मारा था. ऑरमैंडी का दावा है कि पुलिस ने उस वक्त कार्रवाई की होती तो उसे आत्मरक्षा में ऐसा कदम नहीं उठाना पड़ता.
दोस्त से बात करते-करते हुई थी हत्या
हत्या से ठीक पहले रेबेका अपनी दोस्त फेय हेंडरसन से फोन पर बात कर रही थी. बातचीत के बीच अचानक उसने चिल्लाना शुरू किया चले जाओ! बाहर निकलो!” फिर फोन पर तेज आवाज आई और कॉल कट गया. घबराई फेय ने तुरंत पुलिस को कॉल किया. जब तक मदद पहुंची, तब तक रेबेका की हालत गंभीर थी.
'रिश्ता खत्म करना चाहती थी’ बोली थी रेबेका
कोर्ट में पेश गवाहों ने बताया कि रेबेका अपने रिश्ते से परेशान थी और ऑरमैंडी से दूरी चाहती थी. उसने कई बार दोस्तों से कहा था कि वह इस रिश्ते को खत्म करना चाहती हैं. लेकिन आरोपी उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं था. कटघरे में खड़े माइकल ऑरमैंडी ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि यह हत्या नहीं, आत्मरक्षा का मामला हैं. उसने कहा कि रेबेका ने उस पर पहले चाकू से हमला किया था और उसने सिर्फ खुद को बचाने के लिए पलटवार किया.
अभी जारी है सुनवाई, सजा का इंतजार
इस सनसनीखेज केस की सुनवाई लिवरपूल क्राउन कोर्ट में जारी हैं. अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह साफ-साफ एक योजनाबद्ध हत्या थी, जबकि बचाव पक्ष इसे आत्मरक्षा बताकर आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहा हैं. रेबेका कैंपबेल की आखिरी सांसों में कही गई वह बात “क्या मैं मर जाऊंगी?” आज भी पूरे ब्रिटेन में लोगों के दिलों को दहला रही हैं.
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