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रांची/डेस्क: सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) की बेरोजगारों पर की गयी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर एक ऐसा तूफान आया जिसने केन्द्र सरकार तक की चिंता बढ़ा दी. CJI ने फर्जी डिग्री के सहारे वकालत में घुसने वालों को "कॉकरोच" कहा था. इसके बाद, आम आदमी पार्टी के पूर्व सोशल मीडिया कार्यकर्ता अभिजीत दिपके 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का अकाउंट बना डाला जिसको देशभर से ऐसा समर्थन मिला और इसकी संख्या करोड़ों में तो पहुंच गयी, लेकिन इसने देश की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या को पीछे छोड़ दिया. इसके बाद अचानक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक्स अकाउंट भारत में बैन कर दिया गया.
पहले यह लगा कि केन्द्र सरकार ने इसे जानबूझकर बंद कर दिया है, लेकिन अब धीरे-धीरे इसके पीछे का सच बाहर आने लगा है. दरअसल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने इस अकाउंट से जुटी एक चिंता की ओर ध्यान दिलाया, उसके बाद सरकार को उसे बंद करने का कदम उठाना पड़ा. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने IT एक्ट 2000 के सेक्शन 69A के तहत यह कदम उठाते हुए एक्स अकाउंट ब्लॉक करने का आदेश दिया.
IB ने सीजेपी के एक्स अकाउंट को लेकर जो चिंता जताई है, वह यह है कि इस अकाउंट के जरिए भड़काऊ कंटेंट पोस्ट किए जा रहे थे. जिसको लेकर सरकार का मानना है कि इससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. चिंता की खास वजह यह थी कि जो कथित पोस्ट जारी किए जा रहे थे, वह युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा थे.
कैसे हुई थी पार्टी के एक्स अकाउंट की शुरुआत
दरअसल, देश के सीजेई द्वारा जब बेरोजगारों को लेकर एक बयान दिया गया था, उसके जवाब में आम आदमी पार्टी से जुड़े अभिजीत दिपके ने एक राजनीतिक व्यंग्यात्म अभियान की शुरुआत गत 16 मई को की थी. साथ ही इस अभियान से बेरोजगार युवाओं को जुड़ने का आह्वान किया था. इस आह्वान के बाद तो सोशल मीडिया पर भूचाल आ गया था. कुछ ही घंटों में हजारों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया और देखते ही देखते एक्स अकाउंट के फॉलोवर्स की संख्या करोड़ से ऊपर पहुंच गयी. इतना ही नहीं, इसने बीजेपी के फॉलोवर्स की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया था.
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