एथेनॉल के बाद आइसोब्यूटेनॉल

पेट्रोल में एथेनॉल के बाद डीजल में भी बड़ा प्रयोग करने जा रहा भारत, गडकरी का बड़ा ऐलान, इंडोनेशिया तो भारत से भी आगे

भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार के लॉन्च कार्यक्रम में परिवहन मंत्री ने बताया आगे का प्लान

By : Pramod Kumar
पेट्रोल में एथेनॉल के बाद डीजल में भी बड़ा प्रयोग करने जा रहा भारत, गडकरी का बड़ा ऐलान, इंडोनेशिया तो भारत से भी आगे

न्यूज11  भारत

रांची/डेस्क: भारत में केन्द्र सरकार की E20 यानी पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलने की योजना को लेकर देश में चर्चा का बाजार गर्म है. इसके समर्थन और विरोध में भी कई बातें सामने आई है. लेकिन भारत अब पेट्रोल से आगे डीजल पर भी बड़ा प्रयोग करने जा रहा है, इसका ऐलान खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया है. उन्होंने डीजल में 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिलाने सरकारी योजना का जिक्र किया है. गडकरी के अनुसार, यह पारंपरिक डीजल का एक अच्छा विकल्प बन सकता है. ऐसे करने से भारत की कच्चा तेल काम आयात करना पड़ेगा जिससे विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी.

भारत ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए उपयुक्त देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार लॉन्च की है. इसी कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी है. कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद थे. गडकरी ने बताया कि डीजल में पेट्रोल की तरह एथेनॉल को सीधे नहीं मिलाया जा सकता. इसलिए सरकार एथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बनाया जाएगा. इस तकनीक पर सरकार काम कर रही है. आइसोब्यूटेनॉल को ही डीजल के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया जाएगा.

गडकरी ने बताया कि एथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल का इस्तेमाल कृषि उपकरणों पर किया चुका है. उन्होंने बताया कि दो ऐसे जनरेटर सेट भी लॉन्च किए हैं, जो 100 प्रतिशत एथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल पर चलते हैं. इससे भविष्य में ऐसे इंजनों के विकास करने की राह मिली जो पूरी तरह इन वैकल्पिक ईंधनों पर चल सकें.

गडकरी ने यह भी बताया कि सरकार एथेनॉल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (एसएएफ), बायो-सीएनजी, मेथेनॉल, बायोडीजल, एलएनजी, हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों पर भी तेजी से काम कर रहा है.

इंडोनेशिया बायोडीजल पर पहले ही कर चुका है बड़े प्रयोग

केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने केन्द्र सरकार की जिस परियोजना का जिक्र किया है वह कोई नहीं परिकल्पना नहीं है. कई देश इस क्षेत्र में काफी आगे निकल चुके हैं. इंडोनेशिया ने पाम ऑयल से तैयार किए गये बायोडीजल (B50) का इस्तेमाल डीजल में मिलाकर पहले शुरू कर दिया है. इंडोनेशइया पाम ऑयल से बने बायोडीजल का 50 प्रतिशत इस्तेमाल डीजल में मिलाने के लिए कर रहा है. इंडोनेशिया "B50 मिशन" से दुनिया को बता रहा है कि पाम ऑयल सिर्फ खाने के लिए नहीं, फ्यूल भी बन सकता है. इससे उनकी डीजल बिल जीरो होगा. इंडोनेशिया B50 की टेस्टिंग जहाज, ट्रेन, भारी मशीनरी, पावर प्लांट सब पर कर चुका है. इंडोनेशिया अपने गश्ती जहाजों में भी B50 यूज कर रहा है. इंडोनेशिया के ऊर्जा मंत्री बहलील लाहदालिया को तो यहां तक कहना है कि B50 सक्सेस हुआ तो इंडोनेशिया डीजल इंपोर्ट करना पूरी तरह से बंद कर देगा.

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