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रांची/डेस्क: झारखंड हाई कोर्ट की एक हालिया सुनवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें न्यायमूर्ति राजेश कुमार द्वारा एक IAS अधिकारी को कड़ी फटकार लगाए जाने की घटना सुर्खियों में है. वीडियो में कोर्ट की कार्यवाही के दौरान जमीन अधिग्रहण से जुड़े एक मामले पर तीखी बहस देखी जा सकती है. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के फैसले के तहत प्रभावितों को मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया पर चर्चा हो रही थी. कोर्ट के समक्ष उपस्थित वरिष्ठ IAS अधिकारी मनोज कुमार ने इस मुआवजे पर आपत्ति जताई, जिस पर न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने सख्त नाराजगी जताई.
जनता का पैसा यूं बर्बाद नहीं किया जा सकता
कोर्ट ने सवाल करते हुए कहा कि आप कौन होते हैं मुआवजे पर सवाल उठाने वाले? यह आपका अधिकार क्षेत्र नहीं है. न्यायाधीश ने अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए तीखा व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर कमीशन चाहिए तो बताइए, अब तक कितना लिया है? जज ने प्रक्रिया को मजाक बताया और कहा कि पूरे देश में एक ही कानून चलता है या झारखंड में कोई अलग नियम है? यह जनता का पैसा है, इसे यूं बर्बाद नहीं किया जा सकता. न्यायमूर्ति ने चेतावनी दी कि यदि गड़बड़ी पाई गई तो FIR दर्ज करने से भी पीछे नहीं हटेंगे.
"बंदर की तरह कूदने की जरूरत नहीं"
सुनवाई के अंत में कोर्ट ने अधिकारी को एक सप्ताह की मोहलत दी और निर्देश दिया कि मामले को पूरी तरह से कानून के अनुसार निष्पक्ष तरीके से निपटाया जाए. जज ने साफ कहा कि परमीशन का बहाना मत बनाइए. जो आपके अधिकार क्षेत्र में है, वही कीजिए. भाई-भाई के बंटवारे में बंदर की तरह कूदने की जरूरत नहीं है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद न्यायपालिका की सख्ती और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस फिर से तेज हो गई है.