न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार पुलिस में वर्दी पहनकर सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर अब कड़ा रुख अपनाया गया है। पुलिस मुख्यालय ने ऐसे करीब 50 पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन मामलों में पाया गया है कि कई पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान या वर्दी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील बनाकर विभागीय नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।
हाईलाइट्स -
- बिहार पुलिस ने वर्दी में रील बनाने वाले 50 पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया
- पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को कार्रवाई के निर्देश भेजे
- पटना जिले से सबसे अधिक 16 पुलिसकर्मी सूची में शामिल
- पूर्णिया की महिला थानाध्यक्ष का नाम भी सूची में आने से हड़कंप
- SOP उल्लंघन को लेकर सख्त विभागीय कार्रवाई की तैयारी
मुख्यालय ने सभी जिलों को भेजी सूची
पुलिस मुख्यालय की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सूची भेज दी गई है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि संबंधित पुलिसकर्मियों पर मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यालय ने यह भी साफ किया है कि पुलिस वर्दी की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पटना में सबसे अधिक मामले, महिला थानाध्यक्ष भी शामिल
सूत्रों के अनुसार, इस सूची में सबसे अधिक 16 पुलिसकर्मी पटना जिले से शामिल हैं। इसके अलावा दरभंगा, मधुबनी, गया, नालंदा और सीतामढ़ी जैसे जिलों के पुलिसकर्मी भी चिन्हित किए गए हैं। पूर्णिया की एक महिला थानाध्यक्ष का नाम भी सूची में शामिल है, जिससे विभाग में हलचल तेज हो गई है। उन पर पहले भी सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सवाल उठ चुके हैं।
वर्दी में रील बनाने पर गिरी गाज ।
SOP उल्लंघन और निगरानी में खुलासा
बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इंटरनेट मीडिया सेंटर की निगरानी में यह सामने आया कि कई पुलिसकर्मी लगातार वर्दी में रील बनाकर विभिन्न प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर रहे थे। इसे विभागीय अनुशासन और पुलिस की छवि के खिलाफ माना गया है। इसी आधार पर यह सूची तैयार की गई और सभी जिलों को कार्रवाई के लिए भेजी गई।
जारी हुआ सूचना ।
सख्त संदेश, भविष्य में रोक की तैयारी
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक है। सभी एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में SOP का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। अधिकारियों का मानना है कि इस सख्ती के बाद पुलिस विभाग में सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर एक सख्त संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।
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