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रांची/डेस्क: अक्तूबर महीने की शुरुआत होते ही लगे कुछ आर्थिक झटकों और आने वाले 15 अक्टूबर से UPI पेमेंट पर MDR से लगने वाले आगामी झटकों से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक और बड़ा झटका दे दिया है. यह झटका उन लोगों के लिए बड़ा होगा जो किसी न किसी लोन की EMI भर रहे हैं. रिजर्व बैंक की आज हुई समीक्षात्मक बैठक से लोगों को रेपो दर में कुछ सुधार की उम्मीद थी, लेकिन केन्द्रीय बैंक ने .25% रेपो रेट में वृद्धि करके आज जनता को बड़ा झटका दे दिया है.
RBI Governor आरबीआई की MPS बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने का निर्णय लिया. इस वृद्धि के बाद रेपो रेट 5.50% हो गया है. महंगाई. भारतीय केन्द्रीय बैंक के गवर्नर ने रेपो रेट में वृद्धि की वजह बताते हुए कहा कि ऐसा वैश्विक दबावों के कारण करना पड़ा है. बता दें कि फरवरी 2023 के बाद पहली बार रेपो दरें बढ़ी हैं.
भले ही रिजर्व बैंक ने वैश्विक दबावों कारण रेपो दरों में यह वृद्धि की हो, लेकिन इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर ही पड़ेगा. होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें इससे बढ़ जाएगी. यानी तमाम तरह की लोन की मासिक किस्तें (EMI) में वृद्धि हो जाएगी.
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