न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: एक मां के लिए उसकी बेटी की शादी जिंदगी का सबसे बड़ा उत्सव होता है। घर में खुशियों का माहौल है, शहनाइयां बजने को तैयार हैं, लेकिन भागलपुर की सुनीता देवी की आंखों में खुशी के साथ-साथ बेबसी के आंसू भी हैं। 17 अप्रैल को उनकी बेटी का विवाह होना तय है, पर रसोई का चूल्हा कैसे जलेगा, इस एक सवाल ने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी है।
तैयारियां पूरी, लेकिन चूल्हे की आंच पर संकट
अम्बई मारुफचक की रहने वाली सुनीता देवी के घर में शादी की रस्में शुरू होने वाली हैं। कपड़ों से लेकर निमंत्रण पत्र तक सब कुछ बंट चुका है। घर को भी सजाया जा चुका है, लेकिन इस भव्य आयोजन के बीच गैस सिलिंडर की भारी कमी एक बड़ी बाधा बनकर खड़ी हो गई है। सुनीता देवी का कहना है कि घर में घरेलू गैस तो है, लेकिन सैकड़ों मेहमानों के लिए खाना बनाने हेतु कम से कम चार कमर्शियल सिलिंडर की सख्त जरूरत है।
"गैस नहीं मिली, तो मेहमानों के सामने क्या रह जाएगी इज़्जत?"
सुनीता देवी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने गैस एजेंसी से संपर्क किया, तो वहां से स्टॉक न होने की बात कहकर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया गया। एक मां की चिंता जायज है कि अगर ऐन वक्त पर सिलिंडर नहीं मिले, तो बारातियों और मेहमानों के लिए भोजन की व्यवस्था कैसे होगी। उन्होंने सिसकते हुए कहा, "समाज में इज्जत का सवाल है। अगर मेहमानों को खाना नहीं खिला पाई, तो हम क्या जवाब देंगे?"
गैस एजेंसी से निराशा हाथ लगने के बाद सुनीता देवी ने अब सीधे जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने जिला पदाधिकारी और आपूर्ति पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर गुहार लगाई है कि उन्हें उचित मूल्य पर कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएं। इस मामले पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने आश्वासन दिया है कि महिला के आवेदन पर वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार त्वरित कार्रवाई की जाएगी।