न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क : पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड से एक बेहद हृदयविदारक घटना सामने आई है। शुक्रवार की दोपहर लौकरिया पंचायत की मुसहर टोली में भयंकर आग लगने से भारी तबाही हुई है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते दर्जनों हंसते-खेलते परिवार सड़क पर आ गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, लपटों ने किसी को भी संभलने या घर का कीमती सामान निकालने तक का वक्त नहीं दिया।
तेज हवाओं ने आग को बनाया बेकाबू
हादसे के वक्त चल रही पछुआ हवाओं ने 'आग में घी' का काम किया। वार्ड संख्या 4 और 5 में लगी यह आग देखते ही देखते पूरे टोले में फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि आग एक घर से दूसरे घर पर छलांग लगा रही थी, जिससे कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका आग के गोले में तब्दील हो गया।
बेजुबानों पर टूटा कहर, 125 घर जलकर राख
इस भीषण अग्निकांड का मंजर बेहद खौफनाक था। सरकारी और स्थानीय आंकड़ों के मुताबिक, 125 से अधिक आशियाने पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। सबसे ज्यादा दुखद बात यह रही कि घरों में बंधे दर्जनों मवेशियों को बचाने का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई। कई परिवारों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी, अनाज और कपड़े इस आग में खो दिए हैं।
दमकल कर्मियों की भारी मशक्कत
सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों और धधकती लपटों के बीच आग बुझाना काफी मुश्किल साबित हुआ। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों ने घंटों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया, मगर तब तक गांव का एक बड़ा हिस्सा राख के ढेर में बदल चुका था।
खुले आसमान के नीचे पीड़ित, मुआवजे की गुहार
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी को इसकी वजह माना जा रहा है। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का सर्वे कर रही है। बेघर हुए परिवारों के पास अब न सिर छिपाने की जगह बची है और न ही खाने का दाना। ग्रामीणों ने सरकार से जल्द से जल्द तिरपाल, भोजन और उचित मुआवजे की मांग की है।