न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के पटना जिला के मोकामा में पिछले एक महीने से लापता 16 वर्षीय किशोर अंशु कुमार की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह वारदात प्रेम प्रसंग के प्रतिशोध में अंजाम दी गई थी। पुलिस जांच में पता चला है कि अंशु की निर्मम तरीके से हत्या कर उसका शव नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र में फेंक दिया गया था। इस मामले में पुलिस ने प्रेमिका के माता-पिता और बड़ी बहन समेत चार आरोपियों को दबोच लिया है।
साजिश का मास्टरमाइंड है चर्च हमले का कुख्यात अपराधी
अंशु की हत्या की पूरी पटकथा प्रेमिका के मुंहबोले चाचा और इलाके के कुख्यात अपराधी ज्ञान प्रकाश उर्फ ज्ञानी दास ने लिखी थी। यह वही अपराधी है जिसने 2005 में मोकामा कैथोलिक चर्च के फादर मैथ्यू की चाकू से गला रेतकर हत्या की थी। अपनी भतीजी के प्रेम प्रसंग से नाराज ज्ञान प्रकाश ने अंशु को रास्ते से हटाने के लिए उसे शादी का झांसा दिया और धोखे से बख्तियारपुर बुलाया।
पेट चीरकर सड़क किनारे फेंका शव
बाढ़ एसडीपीओ-2 रामकृष्ण के अनुसार, 20 मार्च को अंशु को झांसा देकर बख्तियारपुर से हरनौत ले जाया गया। सुनसान रास्ते में अपराधियों ने चाकू से अंशु का गला और पेट चीर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शिनाख्त मिटाने के उद्देश्य से शव को लावारिस हालत में फेंक दिया गया था। पुलिस ने इस कांड में इस्तेमाल कार, हत्या में प्रयुक्त चाकू और मृतक के चप्पल भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस की रडार पर किशोरी और मुख्य आरोपी
पुलिस ने इस मामले में पटना सिटी से विजय कुमार (मुख्य सहयोगी) के अलावा किशोरी के पिता, मां और बहन को जेल भेज दिया है। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता ज्ञान प्रकाश और अंशु की प्रेमिका अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस की कई टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।