न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा (संवाददाता) / पटना : बिहार के चर्चित री-नीट घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने के बाद अब 22 मेडिकल छात्रों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर इन छात्रों का मेडिकल रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। जांच में खुलासा हुआ है कि री नीट परीक्षा में धांधली की साजिश में मेडिकल छात्र भी शामिल थे, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा माफियाओं के साथ मिलकर पूरा नेटवर्क तैयार किया था।
सामने आई 17 लोगों की भूमिका
जांच में पता चला है कि नीट परीक्षा रद्द होने के बाद दोबारा होने वाली री-नीट परीक्षा में सेंध लगाने की भी साजिश रची गई थी। इस पूरे खेल में 17 लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें करीब 10 मेडिकल छात्र शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि कुछ मेडिकल की डिग्री पूरी कर चुके हैं। आरोप है कि इन लोगों ने अपनी मेडिकल जानकारी और पहचान का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़े का नेटवर्क तैयार किया है।
5-12 लाख रुपये तक डील
जांच में यह भी जानकारी मिली है कि परीक्षा में बैठने के लिए कथित तौर पर स्कॉलर उपलब्ध कराए जाते थे और इसके लिए 5 लाख रुपये से लेकर 12 लाख रुपये तक की डील होती थी। बायोमेट्रिक सत्यापन में भी हेराफेरी की गई है। एजेंसियों ने मेडिकल कॉलेजों को कार्रवाई की सूचना भेजने की तैयारी शुरू कर दी है, ताकि दोषी पाए गए छात्रों का पंजीकरण जल्द से जल्द रद्द किया जा सके।