न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - राजकीय मलमास मेला 2026 में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मेला ड्यूटी के दौरान अनुपस्थित पाए गए 17 अधिकारियों और कर्मियों से 24 घंटे के अंदर जवाब मांगा गया है। साथ ही सभी का एक दिन का वेतन और मानदेय तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
हाईलाइट्स -
- मलमास मेला ड्यूटी से गायब मिले 17 अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई
- जिला प्रशासन ने एक दिन का वेतन और मानदेय रोका
- डीएम कुंदन कुमार के औचक निरीक्षण में खुली लापरवाही
- 24 घंटे के भीतर सभी से मांगा गया स्पष्टीकरण
- कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी कार्रवाई की जद में
औचक जांच में सामने आई लापरवाही
मलमास मेला में रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है। इसी बीच जिला पदाधिकारी सह मेला प्राधिकार अध्यक्ष कुंदन कुमार ने वरीय अधिकारियों के साथ विभिन्न नियंत्रण कक्षों और ड्यूटी प्वाइंट का अचानक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बिना अनुमति अपने कार्यस्थल से नदारद मिले।
डीएम ने कहा- ड्यूटी में कोताही नहीं होगी बर्दाश्त
निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना है। डीएम ने स्पष्ट कहा कि मलमास मेला जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में ड्यूटी से गायब रहना श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।
कई विभागों के अधिकारी कार्रवाई के दायरे में
कार्रवाई की जद में रहुई के अंचल अधिकारी मनोज कुमार प्रसाद, इस्लामपुर नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी पूजा माला, हरनौत की प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी प्रिया आनंद, चंडी की बीएसओ मोनालिसा, एकंगरसराय की सीडीपीओ कविता कुमारी, गिरियक की बीएसओ मीनू कुमारी और करायपरसुराय के कनीय प्रबंधक तकनीकी रिन्द्र कुमार समेत कई अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
कई कर्मियों को नोटिस, मेला क्षेत्र में हड़कंप
महिला पर्यवेक्षिका, पंचायत रोजगार सेवक, पंचायत तकनीकी सहायक, ग्रामीण आवास सहायक और विकास मित्र जैसे कई कर्मियों को भी नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने सभी को तुरंत ड्यूटी स्थल पर पहुंचकर नोडल अधिकारियों से समन्वय बनाने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद मेला क्षेत्र में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मेला ड्यूटी में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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