न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क : बिहार की राजधानी पटना अब केवल ऐतिहासिक इमारतों का शहर नहीं, बल्कि पार्कों और हरियाली के नए हब के रूप में पहचान बना रहा है। शहर को ईको-फ्रेंडली और खूबसूरत बनाने की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। पिछले दो दशकों के आंकड़ों पर गौर करें तो पटना में करीब 113 पार्कों का या तो नया निर्माण हुआ है या उन्हें पूरी तरह आधुनिक स्वरूप दिया गया है।
सुविधाओं से लैस पार्क ओपन जिम से लेकर योगा ज़ोन तक
अब पटना के पार्क केवल टहलने तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ये 'स्मार्ट फिटनेस सेंटर' में तब्दील हो गए हैं। पार्कों के डिजाइन में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है:
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आधुनिक ओपन जिम और विश्वस्तरीय वॉकिंग ट्रैक।
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सुरक्षित वातावरण में हाई-टेक झूले और अलग प्ले-एरिया।
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बैठने की आरामदायक व्यवस्था और शांतिपूर्ण योगा कॉर्नर।
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महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहतर लाइटिंग और निगरानी का इंतजाम।
इन इलाकों में नए पार्कों का निर्माण जारी
पटना के अलग-अलग कोनों में नए आधुनिक उद्यानों का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। अटल पार्क और पाटलिपुत्र पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ कंकड़बाग, राजेंद्र नगर, दानापुर और फुलवारी शरीफ में भी नए थीम-बेस्ड गार्डन तैयार किए जा रहे हैं। इनमें सुंदर फव्वारे, औषधीय पौधे और आकर्षक लैंडस्केपिंग प्रमुख आकर्षण होंगे।
अगले 4 साल का ग्रीन विजन
नगर विकास और पर्यावरण विभाग ने भविष्य की बड़ी योजना तैयार की है। आने वाले चार वर्षों के भीतर शहर के विभिन्न वार्डों में 37 नए पार्कों की सौगात मिलेगी। इन उद्यानों में न केवल सजावटी पौधे होंगे, बल्कि वॉटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) और कचरा प्रबंधन जैसी ईको-फ्रेंडली तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य एक साथ
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर के प्रदूषण स्तर को कम करना और नागरिकों को एक स्वस्थ जीवनशैली प्रदान करना है। अधिकारियों के मुताबिक, पार्कों की बढ़ती संख्या से न केवल शहर की 'एयर क्वालिटी' में सुधार होगा, बल्कि यह लोगों को योग और व्यायाम के जरिए फिट रहने के लिए भी प्रेरित करेगा।