न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क( अस्मित, पटना)बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग संचालकों के बीच वर्चस्व की जंग और हालिया उपद्रव के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कानून-व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि विद्यार्थियों के हितों और उनकी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सीएम ने शिक्षा विभाग को कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसने और उनके संचालन के लिए एक बेहद सख्त और नई नियमावली (गाइडलाइन) तैयार करने का जिम्मा सौंप दिया है।
जिला प्रशासन को देना होगा एक-एक छात्र का ब्यौरा; पारदर्शिता लाने की तैयारी
नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब कोई भी कोचिंग संचालक अपनी मनमर्जी से संस्थान का डेटा छिपा नहीं सकेगा। सभी कोचिंग सेंटरों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने यहाँ पढ़ने वाले हर एक छात्र का पूरा विवरण (डेटा) संबंधित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। इस कदम का उद्देश्य कोचिंग संस्थानों के कामकाज में पारदर्शिता लाना, अनुशासन बनाए रखना और किसी भी प्रकार की अराजकता पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।
स्कूल-कॉलेज के टाइम पर कोचिंग के शटर रहेंगे बंद; बंक मारने वाले छात्रों पर लगेगी लगाम
अक्सर देखा जाता है कि छात्र स्कूल या कॉलेज बंक करके कोचिंग क्लास चले जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए सम्राट सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब स्कूलों और कॉलेजों के निर्धारित शिक्षण समय (क्लास टाइमिंग्स) के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान अपनी कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेगा। यह पाबंदी उन छात्रों पर लागू नहीं होगी जो अपनी रेगुलर स्कूली या कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और केवल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा नई नियमावली; मुख्यमंत्री ने दोहराया संकल्प
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों को इस बाबत जल्द से जल्द एक कड़ा ब्लूप्रिंट और नियमावली तैयार करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करना ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा के नाम पर व्यापार करने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले कोचिंग संचालकों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।