न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंगलवार को मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर प्रखंड अंतर्गत परसौनी नाथ पंचायत पहुंचे. यहाँ आयोजित विशेष 'सहयोग शिविर' में हिस्सा लेते हुए उन्होंने न सिर्फ आम जनता की फरियाद सुनी, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का बारीकी से जायजा भी लिया. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने मुजफ्फरपुर के विकास को रफ्तार देते हुए करीब ₹288.16 करोड़ की लागत वाली 109 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज
शिविर में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह सरकार जनता के जनादेश से बनी है, इसलिए जनहित और जनसमस्याओं का त्वरित निवारण ही उनकी पहली प्राथमिकता है. अधिकारियों को बेहद कड़ा अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि आम जनता से मिलने वाली शिकायतों का निपटारा हर हाल में 30 दिनों के भीतर हो जाना चाहिए. यदि तय समय सीमा में लापरवाही बरती गई, तो जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल निलंबित (सस्पेंड) कर दिया जाएगा.
पहले ही दिन उमड़ा जनसैलाब, मौके पर ही रजिस्ट्रेशन
बिहार सरकार द्वारा 19 मई से शुरू किए गए इस महत्वाकांक्षी 'सहयोग शिविर' अभियान को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है. मुजफ्फरपुर में अभियान के पहले ही दिन रिकॉर्ड 8,008 आवेदन दर्ज किए गए थे, और मंगलवार को भी अपनी समस्याओं को लेकर भारी तादाद में लोग शिविर पहुंचे. सरकार की ओर से दावा किया गया है कि शिविर में आने वाले हर एक आवेदन को तुरंत पंजीकृत किया जा रहा है और उसी समय समाधान की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी जाती है.
एक ही छत के नीचे मिल रहा है इन सभी समस्याओं का समाधान
इस विशेष अभियान की सबसे बड़ी खूबी यह है कि जनता को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं. एक ही पंडाल के नीचे सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं. शिविर में मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों का निपटारा किया जा रहा है:
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राजस्व एवं भूमि सुधार: जमीन विवाद, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) और पैमाइश (सीमांकन).
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कल्याणकारी योजनाएं: राशन कार्ड, वृद्धावस्था व अन्य पेंशन, पीएम आवास योजना और मनरेगा.
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प्रमाण पत्र: जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र.
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बुनियादी सुविधाएं: बिजली, पेयजल, सड़क निर्माण के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायतें.
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद, रूट डायवर्जन लागू
मुख्यमंत्री के आगमन और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे. कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ परसौनी नाथ पंचायत के आस-पास के इलाकों में भारी पुलिस बल मुस्तैद रहा. आम जनता को यातायात में कोई असुविधा न हो, इसके लिए कई प्रमुख रास्तों पर रूट डायवर्जन भी किया गया था.
अब हर महीने दो बार सजेगा 'सहयोग शिविर'
शासन को जनता के द्वार तक ले जाने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने अब इसे स्थाई व्यवस्था बना दिया है. नए नियम के मुताबिक, अब प्रत्येक महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को सरकार के सभी मंत्री अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में इस सहयोग शिविर का आयोजन करेंगे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भरोसा दिलाया कि यह अभियान महज कागजी खानापूर्ति या सिर्फ आवेदन जमा करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हर एक शिकायत का नियमित फॉलो-अप कर उसका परमानेंट सॉल्यूशन निकाला जाएगा.