न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
मुजफ्परपुर - मुजफ्फरपुर के मुसहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत नरौली स्थित बाल आश्रय गृह में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 10 बच्चे अचानक खिड़की का लोहे का ग्रिल तोड़कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि घटना देर रात की है, जब अधिकांश स्टाफ और सुरक्षा कर्मी परिसर में मौजूद थे। इसके बावजूद बच्चे आसानी से सुरक्षा घेरा तोड़कर बाहर निकलने में सफल हो गए, जिससे पूरी व्यवस्था की पोल खुल गई।
हाईलाइट्स -
- नरौली बाल आश्रय गृह से 10 बच्चे देर रात फरार
- खिड़की का ग्रिल तोड़कर भागने की घटना से हड़कंप
- सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल, गार्ड पर लापरवाही का आरोप
- एसडीओ पूर्वी ने किया निरीक्षण, जांच टीम गठित
- पहले सिकंदरपुर से नरौली शिफ्ट किया गया था आश्रय गृह
घटना के बाद प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार तत्काल पुलिस टीम के साथ बाल आश्रय गृह पहुंचे और पूरे परिसर का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। आश्रय गृह के अधीक्षक ने मुसहरी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला है और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
पहले सिकंदरपुर में संचालित था आश्रय गृह, जांच टीम गठित
बाल सहायक संरक्षण अधिकारी अभिषेक कुमार ने जानकारी दी कि यह बाल आश्रय गृह पहले सिकंदरपुर में संचालित होता था, जिसे 18 अप्रैल को नरौली स्थानांतरित किया गया था। स्थानांतरण के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना हो जाना कई सवाल खड़े करता है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई है, जो यह पता लगाएगी कि सुरक्षा में चूक किस स्तर पर और कैसे हुई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसमें किसी अंदरूनी लापरवाही या मिलीभगत की संभावना है।
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